हल्द्वानी: दिल्ली की सख्ती से चेता रोडवेज, बसों की फिटनेस पर देगा ध्यान

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर राजधानी में हो रही सख्ती के बाद रोडवेज प्रशासन को बसों की फिटनेस को लेकर चेता है। उच्चाधिकारियों ने डिपो स्तर पर सभी बसों की प्रदूषण जांच के निर्देश जारी किए हैं। इसमें दिल्ली जाने वाली बसों को लेकर प्राथमिकता देने को कहा गया है। अब दिल्ली …

हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर राजधानी में हो रही सख्ती के बाद रोडवेज प्रशासन को बसों की फिटनेस को लेकर चेता है। उच्चाधिकारियों ने डिपो स्तर पर सभी बसों की प्रदूषण जांच के निर्देश जारी किए हैं। इसमें दिल्ली जाने वाली बसों को लेकर प्राथमिकता देने को कहा गया है। अब दिल्ली वहीं बस भेजी जाएंगी, जिनका पोल्यूशन सर्टिफिकेट तैयार हो चुका होगा।

दिवाली के बाद दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने से राजधानी के पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचता है। इस बार भी इसी तरह की समस्या आने के बाद दिल्ली आने वाले अन्य प्रदेशों के वाहनों पर प्रदूषण संबंधित सख्ती की जा रही है। उत्तराखंड की सरकारी बसों पर भी यह कार्रवाई हो रही है। इस तरह की सख्ती की जानकारी अधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने फौरन राज्य के सभी रोडवेज प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को बसों की फिटनेस सुधारने और प्रदूषण रहित बसों को ही सर्टिफिकेट के साथ दिल्ली भेजने के निर्देश दिए हैं। राजधानी रवाना करने से पहले बसों का पूरा निरीक्षण किया जाएगा और यदि बस की फिटनेस सही नहीं पाई गई तो उसे रोक दिया जाएगा।

कम नहीं होंगी बसें, बदल दी जाएंगी
दिल्ली प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद राजधानी जाने वाली बसों की संख्या के कम होने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि रोडवेज प्रशासन ने इस पर साफ मना किया है। एआरएम सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि दिल्ली जाने वाली सभी बसों का प्रदूषण जांच कराने के बाद सर्टिफिकेट के साथ उन्हें दिल्ली भेजा जाएगा। यदि कोई बस प्रदूषण मामले में फिट नहीं है तो उसके स्थान पर अन्य बस को शामिल कर दिल्ली भेजा जाएगा। बसें कम नहीं होंगी, रिपलेसमेंट कर व्यवस्था ठीक की जाएगी।

प्रदूषण को सख्ती ने बढ़ा दिए ट्रकों के भाड़े
दिल्ली में नो-एंट्री ने ट्रकों के भाड़े बढ़ा दिए हैं। करीब 20 फीसदी तक महंगाई बढ़ी है। प्रदूषण को लेकर की जा रही इस सख्ती से जरूरी सामानों के दाम भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल दिल्ली ने प्रदूषण को आधार बनाते हुए अन्य प्रदेश के वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगाई है। इससे हल्द्वानी ट्रांसपोर्ट के प्रतिदिन दिल्ली जाने वाले सौ से डेढ़ सौ वाहनों को भी दिल्ली बोर्डर पर रोका जा रहा है। इस समस्या से जूझ रहे ट्रांसपोर्टर्स को दिल्ली यातयात नगर की गाड़ियों का प्रयोग करना पड़ रहा है।

ट्रांसपोर्टर कुबेर भुटियानी ने बताया कि 15 से 20 फीसदी किराया बढ़ गया है। दिल्ली में प्रदूषण की बड़ी वजह पराली जलना है। बावजूद इसके डीजल की गाड़ियों को भी जिम्मेदार ठहराकर उन पर तीन दिसंबर तक रोक लगा दी है। इससे काफी दिक्कतें हो रही हैं। खाद्य सामग्री से लेकर दवाएं तक आने में दिक्कतें हो रही है। बाजार में कई लोगों के आर्डर इसी वजह से फंसे हुए हैं। इस तरह की कार्रवाई से महंगाई को और बल मिल सकता है।

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