हल्द्वानी: ठंडे बस्ते में धमाके की जांच, गनर बढ़ा रहे भाजपा जिलाध्यक्ष का राजनीतिक रसूख
अभिषेक आनंद, हल्द्वानी। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट के घर में हुए धमाके के रहस्य से ढाई माह बाद भी पर्दा नहीं उठना कई सवाल खड़े कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इसका संज्ञान लिया था। अब खुलासा भले नहीं हुआ, लेकिन पुलिस द्वारा जांच को ठंडे बस्ते में डालने के बावजूद जिलाध्यक्ष …
अभिषेक आनंद, हल्द्वानी। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट के घर में हुए धमाके के रहस्य से ढाई माह बाद भी पर्दा नहीं उठना कई सवाल खड़े कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इसका संज्ञान लिया था। अब खुलासा भले नहीं हुआ, लेकिन पुलिस द्वारा जांच को ठंडे बस्ते में डालने के बावजूद जिलाध्यक्ष को जान का खतरा बताकर दो सरकारी गनर मिल गए, जो उनके राजनीतिक रसूख को बढ़ा रहे हैं।

यह घटना 14 सितंबर की रात जिलाध्यक्ष के हीरा नगर आवास में हुई थी। रसोई में हुए इस धमाके के पीछे तमाम कयास लगाए गए। इसे नक्सली हमले तक से जोड़ने की कोशिश की गई, जिसके चलते एनआईए की भी सहायता ली गई, लेकिन बाद में पुलिस अधिकारियों ने इसे अंदरूनी तौर पर गैस लीकेज से धमाका होना मानकर जांच से किनारा कर लिया। मौके से लिए साक्ष्यों को जांच के लिए चंडीगढ़ एफएसएल भेजा गया, मगर वहां से भी अभी तक रिपोर्ट नहीं आई। सीबीसीआईडी के संयुक्त निदेशक फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. दयाल शरण ने इस धमाके की वजह प्रोपेन और ब्यूटेन गैस बतायी थी, लेकिन उन्होंने भी अभी तक जांच रिपोर्ट पुलिस को नहीं सौंपी।
बड़ा सवाल : आखिर सच क्या है
धमाका तो हुआ, लेकिन सच अभी तक सामने नहीं आया। चर्चा है कि यह धमाका दहशत पैदा करने के लिए किया गया था या फिर इसके पीछे कुछ ओर मकसद था। ऐसे में सवाल है कि पुलिस मामले को हल्का मान रही है तो सुरक्षा के लिहाज से जिलाध्यक्ष को दो गनर सरकारी खर्च पर क्यों दिए गए। चर्चाएं तो ये भी हैं कि कहीं सियासी रसूख बढ़ाने के लिए तो ये खेल नहीं खेला गया।
लालकुआं सीट से है दावेदार
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट विधानसभा चुनाव में लालकुआं सीट से दावेदार हैं। इन चर्चाओं के बीच उनके विरोधी कह रहे हैं कि इस धमाके के बाद से भाजपा जिलाध्यक्ष को सरकारी गनर मिलने से आमजन में सियासी रसूख बढ़ा है।
अनुकंपा के आधार पर गनर
नियमानुसार, यदि किसी व्यक्ति को कोई खतरा होता है तो एसएसपी स्तर से 15 दिन के लिए उसे गनर नि:शुल्क मिलता है। भाजपा जिलाध्यक्ष को ये दो गनर धमाके के अगले दिन ही मिल गये थे। ढाई महीना बीत चुका है लेकिन जिलाध्यक्ष की सुरक्षा अनुकंपा के आधार पर बढ़ती जा रही है। सवाल ये है कि जिस मामले को पुलिस अपनी जांच में इतना हल्का ले रही है, उस मामले को आधार बनाकर सरकारी सुरक्षा क्यों दी जा रही है।

मेरे घर पर हुए धमाके की जांच चल रही है। मैं पुलिस को पूरा सहयोग कर रहा हूं। सुरक्षा के लिहाज से मुझे गनर दिए गए हैं। इसके अलावा पुलिस की ओर से मुझे कोई जानकारी नहीं दी गई है। – प्रदीप बिष्ट, जिलाध्यक्ष भाजपा
हमें अभी फोरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट नहीं मिली है। स्थानीय स्तर पर जांच की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकेगा। सुरक्षा के लिहाज से भाजपा जिलाध्यक्ष को गनर दिए गए हैं। – डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी सिटी
मौके पर मिले अवशेषों के आधार पर जांच की जा रही है। अभी इसका परीक्षण कराया गया है। प्रथम दृष्टया विस्फोट एलपीजी सिलेंडर में प्रोपेन और ब्यूटेन गैस से हुई प्रतीत हो रहा है। जल्द ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट हम पुलिस को सौंपेंगे। – डॉ. दयाल शरण, फोरेंसिक एक्सपर्ट
