हल्द्वानी: जागेश्वर के तट पर होगा रोजर का अंतिम संस्कार
हल्द्वानी, अमृत विचार। बाबा नीब करौरी की भक्त अमेरिकी लेखिका यवेटी क्लेरी रोजर उर्फ रामरानी (63) का अंतिम संस्कार भारत में ही होगा। उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप अंतिम संस्कार जागेश्वर के तट पर पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ होगा। गुरुवार को अमेरिका से हल्द्वानी पहुंची रामरानी की बेटी क्रिस्टिना अंतिम संस्कार के लिए जागेश्वर …
हल्द्वानी, अमृत विचार। बाबा नीब करौरी की भक्त अमेरिकी लेखिका यवेटी क्लेरी रोजर उर्फ रामरानी (63) का अंतिम संस्कार भारत में ही होगा। उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप अंतिम संस्कार जागेश्वर के तट पर पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ होगा। गुरुवार को अमेरिका से हल्द्वानी पहुंची रामरानी की बेटी क्रिस्टिना अंतिम संस्कार के लिए जागेश्वर ले गईं।

कई साल पहले भारत आईं अमेरिकी लेखिका यवेटी क्लेरी रोजर उर्फ रामरानी का शनिवार को अस्थमा का अटैक पड़ने की वजह से निधन हुआ। मूलरूप से अमेरिका के टेक्सास की रहने वाली रामरानी चोरगलिया निवासी योग और ध्यान की शिक्षिका मीनाक्षी बजेठा की दोस्त थीं। गुरुवार को रामरानी की बेटी क्रिस्टिना खबर पाकर हल्द्वानी पहुंची। जिसके बाद कागजी कार्रवाई की गई और मां का शव क्रिस्टिना के सुपुर्द कर दिया। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट पुलिस ने विदेश मंत्रालय को भेज दी है।
17 साल की उम्र में बाबा ने दिया था रामरानी नाम
वर्ष 2014 में रामरानी पूरी तरह कौसानी स्थित आश्रम में आकर बस गईं। वह बाबा नीब करौरी से इतना प्रभावित थीं कि वह अक्सर बाबा नीब करौरी के दर्शन करने आती थीं। बताते हैं कि जब वह 17 साल की थीं, तब भी वह बाबा नीब करौरी के दर्शन को आईं थी और बाबा नीब करौरी ने उन्हें न सिर्फ रामरानी नाम दिया बल्कि गुरुमंत्र भी दिया।
