लखनऊ: वार्ता विफल, जारी रहेगा विद्युत संविदा कर्मियों का आंदोलन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। मस्टर रोल व्यवस्था में समायोजित कर समान वेतन देने जैसी अनेक मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले संविदा  कर्मचारी ईको गार्डन में धरना दे रहे हैं। गतिरोध समाप्त करने के लिए कर्मचारी नेताओं ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से वार्ता की, लेकिन अफसरों ने वित्तीय संकट …

लखनऊ। मस्टर रोल व्यवस्था में समायोजित कर समान वेतन देने जैसी अनेक मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले संविदा  कर्मचारी ईको गार्डन में धरना दे रहे हैं। गतिरोध समाप्त करने के लिए कर्मचारी नेताओं ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से वार्ता की, लेकिन अफसरों ने वित्तीय संकट का हवाला देकर मांगें पूरी करने में असमर्थता जता दी। ऐसे में आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया है।

ईको गार्डन में चल रहे धरने को समाप्त करने के लिए और अपनी मांगों को मनवाने के लिए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद खालिद, प्रदेश महामंत्री देवेंद्र कुमार पांडे, मीडिया प्रभारी रंजीत कनौजिया, मध्यांचल संगठन मंत्री सुरेंद्र बाजपेई, कार्यालय मंत्री गोपाल मिश्र, शक्ति भवन मुख्यालय अध्यक्ष अरुण कुमार यादव संदीप सिंह, त्रिलोचन, विनोद पांडेय आदि की निदेशक कार्मिक प्रशासन एवं प्रबंधन से वार्ता हुई।

वार्ता के दौरान कर्मचारी नेताओं ने वेतन विसंगति, आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ दोहरा व्यवहार, इपीएफ घोटाले, ईएसआई घोटाले, आए दिन हो रही दुर्घटनाओं के खिलाफ संघ द्वारा 7 सितंबर 2021 से किए जा रहे आंदोलन के संबंध में चर्चा की। कहा कि मस्टरोल व्यवस्था के तहत समायोजित कर समान कार्य का समान वेतन देने, या वेतन रुपया 18000 निर्धारित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले हितलाभों को दिया जाए।

इस पर निदेशक कार्मिक प्रबंधन व प्रशासन ने कहा कि इन मांगों के लिए कारपोरेशन के पास यह मांगें पूरी करने के लिए बजट नही है। वार्ता विफल होने के बाद प्रदेश महामंत्री देवेंद्र पांडेय ने बताया कि अधिकारी कर्मचारियों की समस्या के प्रति गंभीर नहीं है। ऐसे में धरने को और तेज करने का निर्णय लिया गया है।

यह भी पढ़ें:-अधिकारी जनसमस्याओं का करें त्वरित गति से निराकरण : केशव प्रसाद मौर्य

संबंधित समाचार