अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को किया तलब, ये है वजह
हल्द्वानी, अमृत विचार। कार्यदायी संस्थाओं की सर्किट हाउस काठगोदाम में बैठक लेते हुए उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति आयोग पीसी गोरखा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बैठक मे कार्यदायी संस्था जलसंस्थान, जलनिगम, विद्युत, पीमजीएसवाई, लोनिवि के अधिकारी स्वयं उपस्थित ना होने और प्रतिनिधि भेजने पर गम्भीरता से लेते हुए नोटिस जारी करने के साथ ही एक सप्ताह …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कार्यदायी संस्थाओं की सर्किट हाउस काठगोदाम में बैठक लेते हुए उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति आयोग पीसी गोरखा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बैठक मे कार्यदायी संस्था जलसंस्थान, जलनिगम, विद्युत, पीमजीएसवाई, लोनिवि के अधिकारी स्वयं उपस्थित ना होने और प्रतिनिधि भेजने पर गम्भीरता से लेते हुए नोटिस जारी करने के साथ ही एक सप्ताह के भीतर आयोग को सूचित करने के निर्देश दिए।
आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि जनपद में जलजीवन मिशन के अन्तर्गत एससीपी बाहुल्य गांवों व क्षेत्रों में अधिक से अधिक जल संयोजन प्राथमिकता से दिये जाएं। उन्होंने कहा पर्वतीय क्षेत्रों मे जहां नलकूप विद्युत लाइनों के चलते संचालित नही हो पा रहे हैं। विद्युत विभाग व जलसंस्थान आपस मे समन्वय कर कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करें। उन्होंने भगवानपुर बिचला व नंदनी विहार एससी बाहुल्य क्षेत्र में पेयजल की समस्या को गम्भीरता से लेते हुए जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता को एक सप्ताह के भीतर क्षेत्र में पेयजल सुनिश्चित कर आयोग को सूचित करने के निर्देश दिए। अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान रामनगर के बैठक में अनुपस्थित होने पर पीसी गोरखा ने 15 दिनों के भीतर अधिशासी अभियन्ता को विस्तृत जानकारी के साथ देहरादून तलब किया।
उन्होने कहा जनपद में विगत माह आयी आपदा से क्षतिग्रस्त सडकों, विद्युत लाईनों व पेयजल लाइनें अभी तक ठीक ना करने पर नाराजगी व्यक्त की। पीसी गोरखा ने बैठक मे जलसंस्थान, लोनिवि व जलनिगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आचार संहिता से पहले सभी क्षतिग्रस्त सडकों, पेयजल लाइनों व विद्युत के सम्पूर्ण कार्यो हेतु टेण्डर निकालकर कार्य प्राथमिकता से प्रारम्भ करें।
बैठक में जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी, जिला अर्थसंख्याधिकारी ललित मोहन जोशी, जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन, जिला प्रोवेशन अधिकारी ब्योमा जैन, ईई पेयजल निगम एके कटारिया, जलसंस्थान एसके श्रीवास्तव, एमके टम्टा के साथ ही विद्युत, लोनिवि, पीएजीएसवाई, पेयजल निगम, जलसंस्थान आदि कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित थे।
