बरेली: खुला मिलता लालफाटक तो बच सकती थी गर्भवती की जान
बरेली, अमृत विचार। गंभीर हालत में बदायूं से एक परिवार गर्भवती महिला को इलाज के लिए बरेली लेकर आ रहा था। लालफाटक रेलवे क्रॉसिंग ट्रेन को गुजारने के लिए बंद की गई थी। इस वजह से गर्भवती का वाहन कुछ देर के लिए क्रॉसिंग पर रोकना पड़ा। ट्रेन गुजरने के बाद परिवार वाले उसे लेकर …
बरेली, अमृत विचार। गंभीर हालत में बदायूं से एक परिवार गर्भवती महिला को इलाज के लिए बरेली लेकर आ रहा था। लालफाटक रेलवे क्रॉसिंग ट्रेन को गुजारने के लिए बंद की गई थी। इस वजह से गर्भवती का वाहन कुछ देर के लिए क्रॉसिंग पर रोकना पड़ा। ट्रेन गुजरने के बाद परिवार वाले उसे लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे तो डाक्टर ने महिला और गर्भ में पल रहे आठ माह के शिशु को मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना लगने पर परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, डाक्टर का कहना है कि महिला एनीमिक थी। इसी कारण उसकी मौत हो गई थी। यह बात भी सामने आई कि लालफाटक पर क्रॉसिंग बंद नहीं मिली होती तो शायद महिला की जान बचाई जा सकती थी।
बदायूं जिले के सकरी कासिमपुर गांव निवासी अर्जुन की पत्नी पूजा (20) को शुक्रवार रात को प्रसव पीड़ा हुई। जिस पर परिजनों ने स्थानीय चिकित्सक से परामर्श लिया तो प्रसव पीड़ा का दर्द कम हुआ। पूजा की जेठानी संजना ने बताया कि सुबह 7 बजे अधिक प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों के साथ बदायूं जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर उन्होंने बताया कि पूजा की हालत अधिक खराब है, इसको मेडिकल कालेज या बरेली के लिए रेफर कर दिया। परिजन बिना समय गवाएं बरेली के लिए निकल पड़े। रास्ते में लाल फाटक के पास पूजा अचानक से बेहोश हो गई। वहां पर फाटक बंद होने से गाड़ी कुछ देर फंस गई।
फाटक खुलने के बाद परिजन उसे जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डाक्टरों ने पूजा और गर्भ में पल रहे बच्चे को मृत घोषित कर दिया। डाक्टरों ने बताया कि पूजा की जांच रिपोर्ट देखने पर पता लगा कि पूजा एनीमिक थी। रिपोर्ट के अनुसार पूजा के शरीर में 3 मिलीग्राम ही खून शेष बचा था। जिस वजह से पूजा के साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। जिला महिला अस्पताल प्रशासन की ओर से भी परिजनों को कोई रेफर नहीं दिया गया। इसके बाद परिजन महिला के शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने साथ ले गए।
