फार्मासिस्टों का जारी रहा दो घंटे का कार्य बहिष्कार, मरीज हुए परेशान

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्ट एसोसिएशन के लगातार कार्य बहिष्कार से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में मरीजों व उनके तीमारदारों को दवाई के लिए घंटों कतार में खड़े रहने के बाद दवा मिल रही है। फार्मासिस्टों के कार्य बहिष्कार से अब मरीजों व उनके तीमारदारो की …

लखनऊ। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्ट एसोसिएशन के लगातार कार्य बहिष्कार से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में मरीजों व उनके तीमारदारों को दवाई के लिए घंटों कतार में खड़े रहने के बाद दवा मिल रही है। फार्मासिस्टों के कार्य बहिष्कार से अब मरीजों व उनके तीमारदारो की परेशानी बढ़ रही है। लेकिन, फार्मासिस्टों द्वारा किए जा रहे इस हड़ताल से शासन में बैठे अधिकारियों को किसी प्रकार का फर्क नहीं पड़ रहा है।

दरअसल प्रदेश के फार्मासिस्टों द्वारा लगातार कई दिनों से जारी सांकेतिक व क्रमिक हड़ताल चल रही है। सरकार द्वारा उनकी वेतन विसंगतियों, पदनाम परिवर्तन, राईट टू प्रेस्क्रिप्शन, कैडर पुनर्गठन, मानक अनुसार अस्पतालों,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नियुक्तियों सहित 20 सूत्रीय मांगों को लेकर किसी प्रकार की कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। प्रदेश अध्यक्ष संदीप बडोला के नेतृत्व में बलरामपुर चिकित्सालय में प्रान्तीय कोषाध्यक्ष अजय पाण्डेय,डी पी ए जनपद शाखा लखनऊ अध्यक्ष अरुण अवस्थी,कार्यकारी अध्यक्ष कपिल वर्मा,राजेश वरुण व बलरामपुर अस्पताल में तैनात प्रदेश संरक्षक के के सचान मौजूद थे।

17 से पूर्ण कार्यबहिष्कार

फार्मासिस्ट 17 से 19 दिसंबर को इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर पूर्ण कार्यबहिष्कार करेंगे। वहीं 20 दिसम्बर से ईमरजेंसी सेवाओं सहित सभी सेवाओं को बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। इससे अब स्वास्थ्य सेवाएं पूर्ण रूप से ठप रहेगी।

गर्भवती महिलाएं जरूर लगवाएं कोविड का टीका

लखनऊ। केंद्र सरकार के सलाहकार समूह तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश के महाप्रबंधक- मातृत्व स्वास्थ्य व टीकाकरण  को लेकर डॉ. मनोज शुकुल का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर होने के चलते गर्भवती महिलाएं खुद के साथ गर्भ में पल रहे शिशु की सुरक्षा के लिए कोविड का टीका लगवाने के साथ ही खानपान और कोविड प्रोटोकाल का खास दौर पर ख्याल रखें। उनका कहना है कि गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है और उन्हें जरूर लगवाना चाहिए।

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