लखनऊ: बैंकों की हड़ताल से प्रदेश में 40000 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
लखनऊ। बैंकों के निजीकरण को लेकर और सरकार की नीतियों के खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ यूनियंस ने बैंक हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रखी। दो दिनों की बैंक हड़ताल से लखनऊ में लगभग 3000 करोड़ तथा प्रदेश में 40000 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। बैंक हड़ताल के दूसरे दिन भी लखनऊ जिले की 905 शाखाओं …
लखनऊ। बैंकों के निजीकरण को लेकर और सरकार की नीतियों के खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ यूनियंस ने बैंक हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रखी। दो दिनों की बैंक हड़ताल से लखनऊ में लगभग 3000 करोड़ तथा प्रदेश में 40000 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। बैंक हड़ताल के दूसरे दिन भी लखनऊ जिले की 905 शाखाओं के तकरीबन 10000 बैंककर्मी तथा प्रदेश की 14000 शाखाओं के 2 लाख बैंककर्मी बैंक हड़ताल में शामिल हुए ।
बैंक हड़ताल के दूसरे दिन हजरतगंज शाखा के इण्डियन बैंक में बैंक कर्मचारियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें हजारों की संख्या में बैंक कर्मचारी सम्मिलित हुए। सभा को सम्बोंधित करते हुये आल इण्डिया बैंक आफीसर्स कन्फेडरेशन (ऑयबाक) के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार ने बताया-‘‘बैंको में जमा जनता के धन पर पूंजीपतियों और नेताओं की नजर है।
बैंकों के निजीकरण होने पर सरकार उन्हें बड़े लोन स्वीकृत करायेगी फिर ऋण लेने वाला ऋण को एनपीए कराने के बाद मात्र 10 या 15 प्रतिशत धनराशि देकर ऋण का सेटलमेंट करा लेगा या देश छोड़कर भाग जायेगा। जनता भी अब इस चाल को समझ चुकी है। हम सरकार की मनमानी नहीं चलने देंगे।”
इंडियन बैंक अधिकारी संघ के आर.एन.शुक्ला ने बताया कि बैंक निजीकरण से बैंक में पैसे जमा करने की सुरक्षा कमजोर होगी। भारत में जमाकर्ता की कुल बचत, जो कि रु 87.6 लाख करोड़ है, वहीँ लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा 60.7 लाख करोड़ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के पास है, जो कि अपनी जमा के लिए सरकारी बैंकों को प्राथमिकता देते हैं।
बैंकों के एटीएम में पैसे गुल
लगातार 2 दिवसीय बैंक हड़ताल के दौरान अब एटीएम ने भी साथ छोड़ दिया। लखनऊ में 990 एवं प्रदेश के 12000 ए.टी.एम. मशीनों में से कई मशीनों में कैश समाप्त हो गए तथा एटीएम खराब व बन्द पड़े होने के कारण लोग अपना पैसा नहीं निकाल सके। कुछ एटीएम में लम्बी लाइन नजर आई तो वही कई एटीएम से पैसे गुल। लोग बेहद परेशान हुए।
बैंक शाखाओं पर ताला देख, मायूस हुए लोग
राजधानी लखनऊ में दूसरे दिन भी बैंक हड़ताल जारी रहा। जिसकेकारण लोगों को पैसो से सम्बंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बैंक से सम्बंधित कोई भी कार्य नहीं हुए।
” मेरा मानना है कि बैंक हड़ताल से आम जनता को दिक्कत तो है पर यह हमारे भविष्य के लिए लाभदायक साबित होगा। हम भी बैंक कर्मचारियों के साथ खड़े हैं। एटीएम की सुविधा में थोड़े दिक्कत है पर यह दिक्कत भविष्य की दिक्कत से बेहद कम है…उषा राय (जनता)।
हम यह बैंक हड़ताल अपने लिए नहीं कर रहे हैं। यह हड़ताल आम जनता को आने वाले खतरे से बचाने के लिए किया जा रहा है। निजीकरण होने से गरीब जनता को कभी भी लोन की सुविधा नहीं मिलेगी और न ही वे कभी भी चैन की सांस ले पाएंगे। प्राइवेट बैंक सदैव ही लोगों को लूटने का काम करते हैं…रमेश शुक्लाबैंक कर्मचारी।
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