बरेली: चुनावी रंजिश में बर्खास्त सिपाही को घेरकर मारी गोली
बरेली, अमृत विचार। समारोह में शामिल होने के लिए रिश्तेदार के साथ गांव जा रहे बर्खास्त सिपाही को घेरकर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। सिपाही पर तीन बार फायर किया, जिसमें तीसरा फायर सिपाही के पैर में लगा। सिपाही का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं सिपाही की ओर से हमले का …
बरेली, अमृत विचार। समारोह में शामिल होने के लिए रिश्तेदार के साथ गांव जा रहे बर्खास्त सिपाही को घेरकर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। सिपाही पर तीन बार फायर किया, जिसमें तीसरा फायर सिपाही के पैर में लगा। सिपाही का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं सिपाही की ओर से हमले का कारण चुनावी रंजिश बताया जा रहा है।
भमौरा थाना क्षेत्र के लंगूरा गांव के रहने वाले सुरकेश पुलिस विभाग से बर्खास्त सिपाही हैं। शनिवार की देर शाम वह अपने साले वासू शर्मा के साथ कार से गांव में एक समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। बताया कि उसी समय उन्हें किसी अज्ञात वाहन द्वारा पीछा होने का शक हुआ। इस पर उन्होंने कार को वापस शहर की तरफ मोड़ लिया। बताया कि गांव के पास ही सरदार नगर रोड पर कार सवार दबंगों ने अपनी कार को आगे लगाते हुए उनका रास्ता रोक दिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
बताया कि शुरूआत के दो फायर होने पर उन्होंने खुद को बचा लिया लेकिन तीसरा फायर उनके दाएं पैर में लगा। बताया कि पैर में गोली लगने के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुये मौके से फरार हो गये। घायल सुरकेश के मुताबिक फायरिंग करने वालों में गांव के एक पूर्व प्रधान, दो सगे भाई, एक उनका साथी व एक अज्ञात चार लोग शामिल थे।
घटना के बाद घायल सुरकेश को वासू शर्मा ने रामपुर गार्डन स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं घायल सुरकेश ने चुनावी रंजिश के चलते उस पर जानलेवा हमला होने की बात कही है।
पूर्व सिपाही और पूर्व प्रधान के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मामले
घायल सुरकेश ने बताया कि आरोपी पूर्व प्रधान के खिलाफ पहले भी हत्या व रंगदारी समेत अन्य गंभीर आरोपों में मामले दर्ज हैं। साथ ही पूर्व प्रधान की हिस्ट्रीशीट खुली होने की बात भी बताई। इसके अलावा बर्खास्त सिपाही ने पूर्व प्रधान पर भमौरा पुलिस की सांठगांठ से अपना रिकॉर्ड गायब कराने का भी आरोप लगाया है। वहीं एसओ भमौरा संजीव त्यागी ने बताया कि सुरकेश के खिलाफ अलग-अलग थानों में कई मामले दर्ज हैं। चंदौली थाने से उसे बर्खास्त किया गया था।
वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां देर रात तक डॉक्टरों द्वारा उसके गोली लगने की पुष्टि नहीं की गई थी। पुलिस के मुताबिक सुरकेश जिस पैर में गोली लगने की बात बता रहा था, उस पैर के जूते में गोली लगने का कोई सुराग नहीं मिला है। वहीं कई अन्य बातें ऐसी भी हैं जिनकी वजह से मामला संदिग्ध दिखाई पड़ रहा है।
