हल्द्वानी: सरकारी स्कूलों में पढ़ाई जाएगी कुमाऊंनी व गढ़वाली
हल्द्वानी, अमृत विचार। विदेशों की तर्ज पर अब उत्तराखंड सरकार भी सरकारी स्कूलों में बच्चों को मातृ भाषा का ज्ञान देगी। इसके लिए नई नीति बनाई गई है। जल्द ही सरकारी स्कूलों में बच्चे प्राथमिक स्तर पर बंगाली, गुरुमुखी, जौनसारी, गढ़वाली, कुमाऊंनी भाषा में बातचीत करते हुए दिखाई देंगे। ये बात कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय …
हल्द्वानी, अमृत विचार। विदेशों की तर्ज पर अब उत्तराखंड सरकार भी सरकारी स्कूलों में बच्चों को मातृ भाषा का ज्ञान देगी। इसके लिए नई नीति बनाई गई है। जल्द ही सरकारी स्कूलों में बच्चे प्राथमिक स्तर पर बंगाली, गुरुमुखी, जौनसारी, गढ़वाली, कुमाऊंनी भाषा में बातचीत करते हुए दिखाई देंगे।
ये बात कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय ने नगर निगम के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य विद्यालय नियामक प्राधिकरण का गठन किया है। इसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा। ताकि निजी स्कूल संचालकों द्वारा की जाने वाली फीस वृद्धि पर अंकुश लगे। किस विद्यालय की कितनी फीस होगी यह तो विद्यालय प्रबंधन को ही तय करना होगा, लेकिन फीस के अनुरूप विद्यालय में सुविधा नहीं मिलती है तो अभिभावक जिलाधिकारी व शिक्षा महानिदेशक से शिकायत कर सकते हैं।
उनके माध्यम से शिकायत मंत्रालय को पहुंचेगी और विद्यालय संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्राधिकरण के अन्तर्गत स्कूली बच्चों की ड्रेस, पाठ्य सामग्री, शिक्षकों की समस्या समेत शिक्षा विभाग से जुड़ी तमाम समस्याओं का समाधान हो जाएगा। इसीलिए इस प्राधिकरण का गठन किया गया है। साथ ही सभी शिकायतें ऑनलाइन होंगी ताकि पूरी पारदर्शिता बरती जा सकी। पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री के पीआरओ दिनेश आर्य, नैनीताल जिला पंचायत के उपाध्यक्ष आनंद सिंह दरम्वाल मौजूद रहे।
योग शिक्षकों की भर्ती को भेजेंगे केंद्र को प्रस्ताव
शिक्षा मंत्री मंत्री ने कहा कि 100 छात्र संख्या वाले सरकारी विद्यालयों में योग शिक्षकों की नियुक्ति होगी। इसके लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा। केंद्र सरकार से प्रस्ताव व बजट स्वीकृत होने के बाद योग शिक्षकों को स्कूलों में तैनात कर दिया जाएगा।
हर समस्या का समाधान प्राधिकरण में होगा
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी सभी समस्याओं का एक ही इलाज है राज्य विद्यालय नियामक प्राधिकरण। इसके तहत उन शिक्षकों को सबसे ज्यादा सहूलियत होगी जिन्हें निजी स्कूलों में ज्यादा वेतन दर्शाकर कम दिया जाता है। ऐसे शिक्षकों की सुनवाई प्राधिकरण में होगी और दोषी स्कूल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
इस महीने शुरू हो जाएंगीं अत्याधुनिक रसोई
शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों को गरम एवं ताजा भोजन देने के लिए अत्याधुनिक रसोई की व्यवस्था करनी थी। इसके तहत देहरादून व ऊधमसिंह नगर में रसोई घर बनकर तैयार हो गई है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक इसमें भोजन बनना शुरू हो जाएगा।
देवलचौड़ स्कूल का निरीक्षण करें अधिकारी
देवलचौड़ प्राथमिक विद्यालय के सामने वर्षों से चली आ रही मांस की दुकान न हटने का मुद्दा भी शिक्षा मंत्री के सामने उठा। इस पर शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण करने और सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए।
पिछले साल की अपेक्षा बढ़े 56,172 छात्र
शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का प्रेम बढ़ रहा है। तभी तो पिछले वर्ष की अपेक्षा राज्य में इस बार 56,172 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। स्कूलों की दशा सुधारने वाली केंद्र सरकार की समीक्षा में उत्तराखंड को चौथा स्थान मिला है।
