हल्द्वानी: नवजात बच्ची को सड़क किनारे फेंका, कुत्ते ने नोंचा

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हल्द्वानी, अमृत विचार। बेटी के जन्म पर घर वालों ने नवजात को सड़क के किनारे फेंक दिया। नवजात को एक कुत्ते ने नोंच डाला। जब कुछ राहगीरों की निगाह कुत्ते के जबड़े में फंसी बच्ची पर पड़ी तो हड़कंप मच गया। लोगों ने बच्ची को मुक्त कराया और पुलिस को खबर दी। मेडिकल चौकी पुलिस …

हल्द्वानी, अमृत विचार। बेटी के जन्म पर घर वालों ने नवजात को सड़क के किनारे फेंक दिया। नवजात को एक कुत्ते ने नोंच डाला। जब कुछ राहगीरों की निगाह कुत्ते के जबड़े में फंसी बच्ची पर पड़ी तो हड़कंप मच गया। लोगों ने बच्ची को मुक्त कराया और पुलिस को खबर दी। मेडिकल चौकी पुलिस ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

पुरानी आईटीआई बरेली रोड निवासी प्रतिभा पांडे ने मंगलवार को इस घटना को अपनी आंखों से देखा। उन्होंने बताया कि एक कुत्ता बच्ची के शव को अपने जबड़ों में दबा कर बरेली रोड शीशमबाग स्थित कृषि विपणन बोर्ड के दफ्तर पहुंचा। यह देख प्रतिभा के साथ कुछ और लोग कुत्ते की ओर दौड़े। इस पर कुत्ता बच्ची के शव को कृषि विपणन बोर्ड दफ्तर के बरामदे में छोड़ कर भाग गया। आनन-फानन में लोगों ने इसकी सूचना मेडिकल चौकी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरने के बाद उसका पोस्टमार्टम कराया। कृषि विपणन बोर्ड के उप महाप्रबंधक तकनीकि बीपी जोशी ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी। जिसके आधार पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

अस्पताल में डिलीवरी के बाद फेंकी गई बच्ची
लोगों के अनुसार एक बात तो साफ है कि बच्ची की अस्पताल में पूरे नौ महीने के बाद डिलीवरी हुई है। बच्ची की नाभी में एक क्लिप लगी थी, जो अस्पताल में डिलीवरी के बाद लगाई जाती है। अब पुलिस शहर में मौजूद तमाम अस्पतालों के रजिस्टर खंगाल कर यह पता लगा रही है कि बीते चार से पांच दिनों में किन-किन अस्पतालों में बच्चियां पैदा हुई हैं। जिसके बाद पुलिस हर उस व्यक्ति की पड़ताल करेगी, जिसके घर बच्ची पैदा हुई होगी।

नाजायज है या फिर बेटी होना बना परित्याग की वजह
पुलिस का मानना है कि बच्ची के माता-पिता पूरी तरह से उससे निजात पाना चाहते थे। इसकी वजह बच्ची का नाजायज होना या फिर उसका बेटी होना माना जा रहा है। जिस कुत्ते ने बच्ची को जबड़े में दबा रखा था, वो बच्ची को निवाला बनाने के लिए सूनसान स्थान की तलाश में था, लेकिन उससे पहले ही लोगों की नजर पड़ गई। जिस स्थान पर बच्ची मिली वो रास्ता रुद्रपुर और लालकुआं से भी जुड़ता है। ऐसे में संभावना यह भी है कि बच्ची को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया होगा।

ठंड से हुई मौत या फिर गला घोंट कर मार डाला
बच्ची की उम्र एक से दो दिन के बीच बताई जा रही है। इससे ये साफ है कि बच्ची पैदाइश के वक्त जिंदा थी और एक या दो दिन तक वह अपनों के बीच भी रही। यह संभावना जताई जा रही है कि बच्ची को या जिंदा फेंका गया होगा या फिर दम घोंट कर मारने के बाद फेंका गया होगा। हो यह भी सकता है कि रात भर ठंड में पड़े होने की वजह से उसकी मौत हुई हो या फिर कुत्ते के जबड़े में फंसने से उसका दम घुट गया हो। फिलहाल, अब मौत का रहस्य पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही साफ होगा।

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