रुद्रपुर: 11 जनवरी को राष्ट्रीय पदयात्री घोषित करने की मांग
रुद्रपुर, अमृत विचार। जन संसाधन केंद्र उत्तराखंड, दिल्ली ने 11 जनवरी को राष्ट्रीय पदयात्री दिवस घोषित करने का मुद्दा उठाया। आयोजकों ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए 26 दिसंबर से अभियान की शुरूआत की जा रही है, जो 11जनवरी 2022 तक चलेगी। इसके लिए जागरूकता अभियान के साथ आंदोलन की रणनीति बनाकर …
रुद्रपुर, अमृत विचार। जन संसाधन केंद्र उत्तराखंड, दिल्ली ने 11 जनवरी को राष्ट्रीय पदयात्री दिवस घोषित करने का मुद्दा उठाया। आयोजकों ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए 26 दिसंबर से अभियान की शुरूआत की जा रही है, जो 11जनवरी 2022 तक चलेगी। इसके लिए जागरूकता अभियान के साथ आंदोलन की रणनीति बनाकर शासन-प्रशासन तक अपनी आवाज को पहुंचा ने का प्रयास किया जाएगा।
शनिवार को एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में आयोजक शालिनी सिंह ने बताया कि देशभर के कई सामाजिक, बुद्धिजीवी, रंगकर्मी और सामाजिक कार्यकर्ताओं के अलावा आम जनमानस को एकजुट करते हुए सड़क पर चलने योग्य भारत के लिए 11 जनवरी को राष्ट्रीय पैदल यात्री दिवस घोषित करने की मांग उठाई जा रही है।
कहा कि बीते पांच वर्षों में पैदल यात्रियों पर दुर्घटनाओं में 85 फीसदी वृद्धि हुई है। वर्ष 2019 के आंकड़ों पर नजर डालें तो देशभर में 26 हजार पैदल यात्री सड़क हादसों का शिकार हो चुके हैं। वाहनों की बढ़ती तादाद के कारण पैदल चलना दुश्वार हो चुका है। पैदल चलने वाला व्यक्ति सुरक्षित नहीं है।
इसी को ध्यान में रखते हुए जन संसाधन केंद्र द्वारा जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और देश-प्रदेश की सरकारों को जनभावनाओं को देखते हुए राष्ट्रीय पदयात्री दिवस घोषित करने का मुद्दा उठाता रहेगा। वहां कैप्टन खड़क सिंह कार्की, राजकुमारी, प्रेरणा गर्ग, अर्पणा सरकार, सुरभि खुराना, विमलेश राठौर, पलास विश्वास, रवि कुमार, ओमकार सिंह ढिल्लन, प्रकाश सिंह, रजनीश पाल आदि थे।
