लखनऊ: ओमिक्रॉन ने बढ़ाई चिंता, महंगी हो सकती है हज यात्रा
लखनऊ। दुनिया में लगातार बढ़ते ओमिक्रॉन के खतरे ने हज आजमीनों की बेचैनी बढ़ा दी है। ओमिक्रॉन के चलते सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य प्रोटोकॉल की वजह से सऊदी अरब सरकार ने वीजा शुल्क सहित वैट में बढ़ोत्तरी कर दी है। इस बढ़ोत्तरी से हज यात्रा 2022 पर जाने की इच्छा रखने वाले आजमीनों को 1.25 …
लखनऊ। दुनिया में लगातार बढ़ते ओमिक्रॉन के खतरे ने हज आजमीनों की बेचैनी बढ़ा दी है। ओमिक्रॉन के चलते सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य प्रोटोकॉल की वजह से सऊदी अरब सरकार ने वीजा शुल्क सहित वैट में बढ़ोत्तरी कर दी है। इस बढ़ोत्तरी से हज यात्रा 2022 पर जाने की इच्छा रखने वाले आजमीनों को 1.25 लाख रुपये तक का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है।
ओमिक्रॉन के चलते इसबार हज वीजा शुल्क, वैट, हेल्थ इंश्योरेंस, सऊदी अरब में रिहाईश का किराया व सेवा शुल्क में बढ़ोत्तरी की गई है। इस बढ़ोत्तरी से साल 2022 में हज यात्रा के खर्च में करीब एक लाख से 1.25 लाख रुपए तक महंगी होने की संभावना है। इस बार हज यात्रियों को हज पर जाने के लिए अजीजिया श्रेणी में 3,35,000 रुपये और ग्रीन श्रेणी के लिए 4,07000 रुपये तक खर्च करने होंगे।
जबकि, साल 2019 में प्रदेश से हज यात्रा पर जाने वाले आजमीनों ने अजीजिया में 2,36,000 रुपये तथा ग्रीन में 2,82,000 रुपये खर्च किए थे। आवेदन के बाद हज कमेटी की ओर से चयनित आजमीनों को पहली किश्त के रूप में 81000 रुपये जमा करने होंगे। शेष रकम दो बार में जमा करनी होगी। इस सबंध में स्टेट हज कमेटी के हज सचिव राहुल गुप्ता ने बताया कि, हज यात्रा 2022 के खर्च को लेकर अभी तक सेंट्रल की ओर से कोई लिखित निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। गाइडलाइन जारी होने के बाद ही हज यात्रा के कुल खर्च की घोषणा की जाएगी।
खर्च बढ़ने की ये है वजह
इस बढ़ोत्तरी की वजह सऊदी अरब सरकार द्वारा हज की खिदमत पर लगने वाले पांच प्रतिशत वैट को 15 प्रतिशत करना माना जा रहा है। नए हज वीजा शुल्क के तौर में प्रत्येक व्यक्ति को 300 सऊदी रियाल देना होगा। साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस के लिए 100 रिसाल अदा करना होगा। सऊदी अरब में कोरोना काल के चलते एक कमरे में केवल दो लोगों को ही ठहराया जा सकेगा। इसलिए रिहाईश का किराया बढ़ने के साथ हाजियों की सेवा के बदले में अब 1050 रियाल की जगह 2500 रियाल देने होंगे।
वैक्सीनेशन नहीं, तो हज नहीं
अगले साल जुलाई में हज की उड़ाने शुरू होंगी। इसको लेकर हज कमेटी ऑफ इंडिया ने दिशा-निर्देश जारी कर 70 प्लस कैटेगरी पर लगी पाबंदी को हटाने के साथ कई पाबंदियां भी लगाई हैं। एक कवर में अधिकतम पांच सदस्य तथा हज यात्रा के लिए 36-42 दिन निर्धारित किए गए हैं। हज यात्रा शुरू करने से एक माह पहले ही कोविड-19 (कोविशील्ड) की दोनों खुराक ले लेनी होंगी। वैक्सीनेशन न कराने वालों को हज यात्रा का मौका नहीं मिलेगा।
दो साल हज यात्रा रही निरस्त
कोरोना वायरस के कारण लगातार दो साल 2020 व 2021 में हज यात्रा स्थगित रही। ऐसे में हज यात्रा 2022 की घोषणा के बाद आजमीनों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। दो साल हज यात्रा न होने से मायूस लोग इसबार सऊदी अरब जाने की इच्छा के साथ ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। एक नवंबर से प्रदेश में हज यात्रा के लिए आवेदन शुरू हो चुका है। बीते करीब डेढ़ महीने में प्रदेशभर में करीब तीन हजार लोगों ने आवेदन कर हज यात्रा की इच्छा जाहिर की है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी है।
कब कितना महंगा हुआ हज
साल ग्रीन अजीजिया
2019 2,90,850 2,53,800
2018 2,60,100 2,25,950
2017 2,36,350 2,02,950
2016 2,18,400 1,84,500
2015 2,02,550 1,69,800
उप्र का हज कोटा
साल कोटा आवेदन
2019 30,237 34,397
2018 29,851 42,914
2017 29,017 51,375
2016 21,800 48,708
2015 22,000 41,705
यह भी पढ़ें:-बरेली में तांत्रिक बनकर लूट: घर की शुद्धि करने के बहाने छह घंटो तक ली तलाशी, लाखों रुपए और नकदी लेकर दोनों फरार
