हल्द्वानी: रोजगार मांगने निकले HP के बेरोजगारों को हल्द्वानी पुलिस ने धमकाया, हिरासत में लिया

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हल्द्वानी, अमृत विचार। रोजगार मेले में आवेदन करने और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने जा रहे एचपी कंपनी के सैकड़ों बेरोजगारों को हल्द्वानी पुलिस ने वर्दी का रौब दिखाया। आरोप है कि सीओ और कोतवाली प्रभारी ने बेरोजगारों से दो टूक कहा कि अगर जुलुस निकालकर मुख्यमंत्री के सामने पहुंचे तो गंभीर धाराओं में …

हल्द्वानी, अमृत विचार। रोजगार मेले में आवेदन करने और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने जा रहे एचपी कंपनी के सैकड़ों बेरोजगारों को हल्द्वानी पुलिस ने वर्दी का रौब दिखाया। आरोप है कि सीओ और कोतवाली प्रभारी ने बेरोजगारों से दो टूक कहा कि अगर जुलुस निकालकर मुख्यमंत्री के सामने पहुंचे तो गंभीर धाराओं में उलझ जाओगे। बावजूद गुस्साए बेरोजगारों ने बुद्ध पार्क से रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया। लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते कर्मचारी आगे नहीं बढ़ सके।

पुलिस वाहन में बैठकर सरकार जब-जब डरती है पुलिस को आगे करती है के नारे लगाते कर्मचारी।

पुलिस ने सभी कर्मचारियों को हिरासत में लेकर काठगोदाम थाने में नजरबंद कर दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने जब-जब सरकार डरती है पुलिस को आगे करती है.. के नारे लगाए। इस दौरान तिकोनिया चौराहे पर अफरातफरी का माहौल बना रहा। वहीं मुख्यमंत्री धामी के दौरे का विरोध कर रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने नजरबंद कर दिया। बता दें कि 30 दिसंबर को हल्द्वानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा होने जा रही है, ऐसे में पुलिस- प्रशासन विरोध के स्वरों को दबाने में जुटा है।

रोजगार के लिए मुख्यमंत्री के सामने गुहार लगाने से पहले ही पुलिस ने बेरोजगारों को हिरासत में ले लिया, ऐसे में 30 दिसंबर को प्रधानमंत्री के सामने विरोध दर्ज कराना असंभव सा है। ऐसे में प्रधानमंत्री के होर्डिंग के सामने ही एचपी कर्मचारियों ने तख्तियां लहराकर संदेश दे दिया।

यूनियन अध्यक्ष विनीत कपिल ने कहा कि बेरोजगार होते हम युवा लगातार सरकार से मिलकर न्याय की उम्मीद में लगा रहे हैं पर राज्य सरकार ने हमारी एक नहीं सुनी लेकिन जब पता चला कि हल्द्वानी में रोजगार मेला लग रहा है तो हम सभी शिक्षित बेरोजगार इस रोजगार मेले में अपना आवदेन करना चाहते थे लेकिन सरकार के दबाव में पुलिस ने हमें रोक दिया और पकड़कर काठगोदाम थाने ले गई। उन्होंने कहा कि हमारी दो ही मांगें है या तो हमारा रोजगार बहाल हो या फिर हमारी बची हुई सेवा के वर्षों की वेतन राशि का भुगतान हमें कर दिया जाए। अन्यथा बेरोजगार कर्मचारी आंदोलन को और उग्र करने को अग्रसर होंगे।

संगठन मंत्री निर्मल पंत ने कहा कि माता-पिता ने हमें अच्छी शिक्षा कई उम्मीदों से दिलवाई थी लेकिन आज हम मजदूरों का शोषण ही नहीं बल्कि हमारे परिवार का भी मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।

कर्मचारी भगत सिंह ने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन ऐसा भी आएगा कि हमारी शिक्षा ही हमें जेल भेज देगी, न्याय मांगते मांगते सहयोग तो राज्य सरकार नहीं दे सकी पर जेल दिखाने के लिए राज्य सरकार का आभार।

महामंत्री भवान सिंह ने कहा कि आज कर्मचारियों की गिरफ्तारी राज्य सरकार की तानाशाही को प्रदर्शित करती है, लेकिन हम मजदूर हैं हम आगे बढ़ना जानते हैं, झुकना नहीं।

एचपी मजदूर संघ को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस नेता ललित जोशी ने कहा कि ये लड़ाई सिर्फ एचपी से निकाले गये कर्मचारियों की नहीं बल्कि प्रदेशभर के बेरोजगार युवाओं की है। इस मौके पर धीरेंद्र मेहरा, विनोद सुयाल, प्रदीप प्रहरी, विवेक रावत, विजेंद्र, हेमंत, कीर्ति आदि मौजूद रहे।

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