मुरादाबाद : कुपोषण का शिकार 900 बच्चों को लिया गोद, प्रोजेक्ट स्नेह की निदेशक शिखा गुप्ता ने ली जिम्मेदारी
मुरादाबाद, अमृत विचार। मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों में आवश्यक संतुलित आहार की लंबे समय तक कमी बने रहना ही कुपोषण है। यह समस्या सबसे अधिक पांच साल से कम उम्र के बच्चों में होती है। ऐसे में बच्चों को इससे बचाने के लिए बड़े स्तर पर प्रयासों की आवश्यकता है, जिसे …
मुरादाबाद, अमृत विचार। मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों में आवश्यक संतुलित आहार की लंबे समय तक कमी बने रहना ही कुपोषण है। यह समस्या सबसे अधिक पांच साल से कम उम्र के बच्चों में होती है। ऐसे में बच्चों को इससे बचाने के लिए बड़े स्तर पर प्रयासों की आवश्यकता है, जिसे स्नेह प्रोजेक्ट द्वारा सराहनीय ढंग से किया जा रहा है। वह मंगलवार को आजादी का अमृत महोत्सव के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से पंचायत भवन सभागार में आयोजित कुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर 900 अति गंभीर कुपोषित बच्चों को ‘स्नेह’ द्वारा गोद लिया गया।
इससे पूर्व कमिश्नर ने डीएम शैलेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आनंद वर्धन, स्नेह प्रोजेक्ट निदेशक शिखा गुप्ता व बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की संयोजक अल्पना गुप्ता के साथ संयुक्त रुप से दीप जलाकर कार्यक्रम का आरंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कुपोषण के कारण बच्चों की रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। कुपोषित बच्चे आसानी से विभिन्न प्रकार की बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।
कुपोषण का सीधा संबंध संक्रमण या संक्रामक रोगों से है। कुपोषित बच्चे को संक्रमण हो जाए तो यह जानलेवा साबित होता है। इसके साथ ही उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कुपोषण के सही आंकड़े जुटाने पर जोर दिया। कहा कि कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के हर कमजोर और स्वस्थ बच्ची व महिलाओं के बारे में जानकारी जुटाएं। इस मौके पर प्रोजेक्ट स्नेह द्वारा 900 बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए गोद लिया गया। साथ ही एनर्जी फूड भी बांटा गया। इस अवसर पर प्रोजेक्ट स्नेह की निदेशक शिखा गुप्ता द्वारा 900 अति गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लिया गया। इस मौके पर प्रतीकात्मक रूप से जनपद की नौ सीडीपीओ के क्षेत्र के 22 लाभार्थियों को एनर्जी फूड वितरित किए गए।
कमिश्नर ने पोषण के कुचक्र को तोड़ने के लिए किशोरियों में एनीमिया, मासिक धर्म के लिए सैनिटरी पैड की उपलब्धता व शौचालय होने के साथ-साथ लाभार्थियों के सही चिह्नांकन पर बल दिया। इसके साथ ही डीएम शैलेंद्र सिंह ने कहा कि मानव संसाधन को विकसित करने का जो बीड़ा आईसीडीएस और स्नेह द्वारा उठाया गया है, इससे जनपद शीघ्र ही कुपोषणमुक्त बनेगा। सीडीओ आनंद वर्धन द्वारा प्रोजेक्ट स्नेह के कार्यों की प्रशंसा की गई।
अंत में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ.अनुपमा शांडिल्य ने बताया कि रामपुर में प्रारंभ किए गए आहार से उपचार तक के नवाचार को मंडलायुक्त और जिला प्रशासन की अभिनव पहल के रूप में मुरादाबाद में भी लागू किए जाने की योजना है। इसे जल्द ही 2000 बच्चों पर प्रारंभ किया जाएगा, जिससे कुपोषण से ग्रसित अधिक से अधिक बच्चों को योजना से आच्छादित किया जा सके। इस अवसर पर कमिश्नर ने शिखा गुप्ता को शॉल व प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में समस्त सीडीपीओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समेत लाभार्थी उपस्थित रहे।
554 बच्चों को कर चुकी हैं सुपोषित
प्रोजेक्ट स्नेह की निदेशक शिखा गुप्ता द्वारा आईसीडीएस के साथ मिलकर वर्ष 2019-20 में स्नेह पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। पहले चरण में 25 बच्चों को गोद लिया गया, जिनमें 23 बच्चे अति गंभीर श्रेणी के थे। पांच माह बाद उन बच्चों में परिवर्तन देखा गया। दूसरे चरण में वर्ष 2020-21 में 529 बच्चों को गोद लिया गया। इन बच्चों को एक खाद्य पदार्थ देने के साथ सतत निगरानी की गई और आवश्यकता पड़ने पर संदर्भित किया गया। इससे बच्चे अति गंभीर कुपोषित की श्रेणी से बाहर आ गए थे। इस सफलता से प्रेरित होकर वर्ष 2021-22 के लिए 900 अति गंभीर कुपोषित बच्चों को प्रोजेक्ट स्नेह द्वारा गोद लिया गया है।
