कालाढूंगी: पवलगढ़ में सरफेस हाइड्रो कायनेटिक परियोजना उत्तराखंड के लिए गौरव

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कालाढूंगी, अमृत विचार। पवलगढ़ में 15 किलोवाट बिजली उत्पादन की सरफेस हाइड्रो कायनेटिक परियोजना को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड का गौरव बताया। कहा कि जल्द ही पूरा विश्व इस परियोजना का अनुसरण करेगा और प्रदूषण मुक्त बिजली उत्पादन करेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड पूर्ण स्वदेशी सरफेस हाइड्रो कायनेटिक टरबाइन …

कालाढूंगी, अमृत विचार। पवलगढ़ में 15 किलोवाट बिजली उत्पादन की सरफेस हाइड्रो कायनेटिक परियोजना को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड का गौरव बताया। कहा कि जल्द ही पूरा विश्व इस परियोजना का अनुसरण करेगा और प्रदूषण मुक्त बिजली उत्पादन करेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड पूर्ण स्वदेशी सरफेस हाइड्रो कायनेटिक टरबाइन तकनीक का प्रथम उपयोगकर्ता के रूप में जाना जाएगा। कहा कि रामनगर वन प्रभाग में ऊर्जा उत्पादन की जो तकनीक संचालित हो रही है वो 100 प्रतिशत पर्यावरण प्रदूषण मुक्त है। छोटी पहाड़ी गूल से लेकर उत्तराखंड से निकलने वाली बड़ी से बड़ी नदियों पर बिना कोई बांध बनाए या पानी को रोके बिजली उत्पादन किया जाएगा। कहा कि उत्तराखंड की नदियों और प्रवाहित जल धाराओं से लगभग 1500 मेगावाट बिजली उत्पादन स्वदेशी सरफेस हाइड्रो कायनेटिक तकनीक से किया जा सकता है।

कहा कि पहाड़ी गावों के लिए स्वदेशी टरबाइन तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे हर किसान के पास खुद का पावर प्लांट होगा। कहा कि स्वदेशी तकनीक से उत्तराखंड वन विभाग को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक डॉ. पराग मधुकर धकाते बधाई के पात्र हैं। कहा कि वनाग्नि का बड़ा कारण जंगलों से हो कर जाने वाली बिजली की खुली तारों से हुए शॉर्ट सर्किट भी है। अब जंगलों से जाने वाली बिजली की तारों का उपयोग सीमित होगा। साथ ही जंगली जानवर और वन कर्मी करंट लगने से बचेंगे। कार्यक्रम में सीडीओ डॉ. संदीप तिवारी, एसडीएम रेखा कोहली, भगवान तिवारी, मयंक तिवारी, तारा पांडे, रमेश बथानी, जीवन भट्ट आदि थे।

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