अयोध्या: ई-श्रम कार्ड पंजीकरण के लिए एक दिन में हो रहे 40 हजार रजिस्ट्रेशन, वेबसाइट पड़ी सुस्त

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अयोध्या। प्रदेश सरकार की ओर से 500 रुपये जीवन निर्वाह भत्ता व अन्य प्रस्तावित योजनाओं का ऐलान होते ही ई-श्रम कार्ड के पंजीकरण कराने में जबरदस्त उछाल आया है। महज 12 दिन में ही जिले में तकरीबन पांच लाख असंगठित श्रमिक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सीएचसी स्तर पर तो कर्मचारी कार्ड बनाने में जुटे ही …

अयोध्या। प्रदेश सरकार की ओर से 500 रुपये जीवन निर्वाह भत्ता व अन्य प्रस्तावित योजनाओं का ऐलान होते ही ई-श्रम कार्ड के पंजीकरण कराने में जबरदस्त उछाल आया है। महज 12 दिन में ही जिले में तकरीबन पांच लाख असंगठित श्रमिक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सीएचसी स्तर पर तो कर्मचारी कार्ड बनाने में जुटे ही हैं। वहीं, जन सेवा केंद्र, साइबर कैफे व स्वयं भी लोग अपना कार्ड बना रहे हैं। एक-एक दिन में 40-40 हजार पंजीकरण हो रहे हैं।

आलम यह है कि विभाग की साइट तक सुस्त हो गई है। अंतिम तिथि 31 दिसंबर है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। दरअसल, कोरोना के दौरान असंगठित श्रमिकों का डाटा मौजूद न होने के कारण सरकारें उनकी मदद नहीं कर पाई थीं। इसलिए ई-श्रम कार्ड की योजना शुरू की गई है। इसके बाद उत्तर प्रदेश असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों को कोविड-19 की महामारी की तीसरी लहर की सम्भावना के दृष्टिगत भरण-पोषण भत्ता दिये जाने का शासन की तरफ से पत्र आ गया।

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जिसमें कोरोना महामारी की तीसरी लहर की सम्भावना के दृष्टिगत राज्य सरकार ने दिसम्बर 2021 से मार्च 2022 तक प्रतिमाह 500 रुपये भत्ता देने की घोषणा कर दी। चार महीनों तक पंजीकृत असंगठित कर्मकारों, जिन्हें किसान सम्मान निधि योजना व अन्य किसी स्रोत से लाभान्वित नहीं किया जा रहा है। उन्हें 2 किश्तों में प्रति किश्त एक हजार की दर से असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के माध्यम से भरण-पोषण भत्ता दिये जाने का निर्णय लिया गया है।

इसके लिए बकायदा पात्रता व शर्तें भी तय की गई है। जिसमें 45 प्रकार के 16 वर्ष से लेकर 59 वर्ष तक के कामगार पात्र शामिल होंगे। कर्मकार आयकरदाता न हो, ईपीएफ व ईएसआई में नामांकन न हो, 15 हजार से कम आय होनी चाहिए। मौजूदा हालत में सबसे अधिक ई-श्रम कार्ड के पंजीकरण कराने में उत्तर प्रदेश राज्य का देश में पहला स्थान है।

  • वर्तमान में 2 योजनाएं हैं प्रस्तावित…

मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना: दुर्घटना वश मृत्यु होने व दिव्यांग होने की दशा में उनके वारिस को अधिकतम धनराशि 2 लाख रुपये तक दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना: पंजीकृत कामगारों व उनके परिजनों को पांच लाख तक प्रत्येक वर्ष कैशलेस इलाज की निशुल्क सुविधा प्रदान की जायेगी।

  • कामगार के प्रकार इस प्रकार है…

धोबी, दर्जी, माली, मोची, नाई, बुनकर / कोरी/ जुलाहा, रिक्शा चालक, घरेलू कर्मकार, हाथ ठेला चलाने वाले फुटकर सब्जी / फल-फूल विक्रेता, चाय, चाट ठेला लगाने वाले फुटकर व्यापारी, हमाल, कुली, जनरेटर/लाइट उठाने वाले, केटरिंग में कार्य करने वाले, फेरी लगाने वाले, मोटर साइकिल व साइकिल मरम्मत करने वाले, पोल्ट्री फार्म, डेयरी श्रमिक, कांच की चूड़ी व अन्य कॉच उत्पाद कर्मकार सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त निर्माण श्रमिक आगंनबाड़ी कार्यकत्री, आशा बहु, स्वयं सहायता समूह के कर्मकार मनरेगा श्रमिक और स्वरोजगार करने वाले कर्मकार भी शामिल हैं।

पंजीकरण में अयोध्या मंडल में बाराबंकी है टॉप पर…

  • जिला                    पंजीकरण
  • अयोध्या मुख्यालय    8, 07,982
  • बाराबंकी               10, 18,922
  • सुल्तानपुर               8, 22000
  • अंबेडकरनगर          7, 43000
  • अमेठी                    5, 78,654

24 सितंबर से अब तक मंडल में पंजीकरण कराने वालों की स्थिति..

अयोध्या में है 10 लाख 87 हजार ई-श्रम कार्ड का टारगेट

अयोध्या क्षेत्र के उप श्रम आयुक्त अनुराग मिश्रा ने बताया कि जिले में 10 लाख 87 हजार ई-श्रम कार्ड बनाने का टारगेट हैं। अब तक आठ लाख के करीब कार्ड बन चुके हैं। सीएचसी स्तर पर कर्मी कार्ड बनाने में लगे हैं, जबकि कुछ लोग स्वयं या फिर साइबर कैफे पर जाकर भी कार्ड बनवा रहे हैं। 31 दिसंबर अंतिम तिथि है। कार्ड में योजनाएं भी प्रस्तावित हैं।

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