हल्द्वानी: बाहरी निवेश नहीं स्थानीय रोजगार से होगा उत्तराखंड का विकास: प्रधानमंत्री मोदी
नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। देवभूमि उत्तराखंड के विकास के लिए प्रधानमंत्री ने एक विजन पेश किया। यह विजन उत्तराखंड के जल, जंगल, जमीन और गांवों से जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान कहीं भी उत्तराखंड में बाहरी निवेश नहीं बल्कि स्थानीय खूबियों से ही यहां के लोगों के लिए रोजगार देने का …
नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। देवभूमि उत्तराखंड के विकास के लिए प्रधानमंत्री ने एक विजन पेश किया। यह विजन उत्तराखंड के जल, जंगल, जमीन और गांवों से जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान कहीं भी उत्तराखंड में बाहरी निवेश नहीं बल्कि स्थानीय खूबियों से ही यहां के लोगों के लिए रोजगार देने का वायदा किया। उत्तराखंड की जड़ी-बूटी, योग, धार्मिक पर्यटन, नदी और इसके सामरिक महत्व की वजह से यहां बनाए जाने वाला बुनियादी ढांचा ही उत्तराखंड के लोगों के लिए भला करेगा।
प्रधानमंत्री के कथन के अनुसार उत्तराखंड का भला यहां मौजूद चीजों से ही हो सकता है। उत्तराखंड में होम स्टे योजना की प्रधानमंत्री ने तारीफ की। वर्तमान में 3700 होम स्टे पंजीकृत है। जिससे गांवों में ही लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की जड़ी-बूटी, योग, प्राकृतिक खेती का उल्लेख किया। और वायदा किया इन सभी क्षेत्रों में जमकर काम किया जाएगा। जिससे यहां स्वरोजगार उपलब्ध हो सके। उत्तराखंड राज्य की स्थापना के दौरान इसे हिमाचल की तर्ज पर विकसित करने की बात कही गई थी। हिमाचल का सेब और वहां का पर्यटन विश्व प्रसिद्ध है और यह वहां की आर्थिकी का आधार भी है। हालांकि राज्य गठन के बाद से न तो उत्तराखंड में कोई कृषि और उद्यान उत्पाद अपनी विशेष पहचान बना पाया और बुनियादी ढांचे के अभाव में पर्यटन के क्षेत्र में भी कोई खास बढ़ोत्तरी नहीं हुई।
प्रधानमंत्री के विजन की मानें तो यहां बाहरी निवेश की जगह यहां के प्राकृतिक संसाधनों का लाभ उठाना होगा। साथ ही उत्तराखंड में धार्मिक और अन्य पर्यटन को बढ़ाए जाने की जरूरत है। इसलिए प्रधानमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में बनाई जा रही सड़कें, पुलों, रोपवे से पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी। पर्यटन बढ़ेगा तो यहां के लोगों को रोजगार भी मिलेगा। राज्य में अभी भी पुराने पर्यटन स्थलों पर पर्यटक आते हैं। सुविधाओं के अभाव में पर्यटक अन्य स्थानों पर नहीं जाते। प्रधानमंत्री ने यह तक कहा कि पर्यटक सुविधाएं चाहते हैं। उत्तराखंड में जो मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, उनका फायदा भी पर्यटन को मिलेगा। बताया कि बुनियादी ढांचे में निर्माण के दौरान भी स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमालय की ताकत को जानते हैं। और उनके अनुसार हिमालयी राज्य का भला हिमालय से ही हो सकता है।
युवा, महिला और सेना पर रहा फोकस
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान युवाओं, महिलाओं और सेना पर फोकस किया। उन्होंने महिलाओं के लिए उज्ज्वला, हर घर नल जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। सेना के सम्मान की बात कही। और सैन्य धाम की चर्चा की। युवाओं के रोजगार का जिक्र किया। और बताया कि इनके सामर्थ्य से ये दशक उत्तराखंड का दशक होगा।
