रुद्रपुर: इस साल भी सिर्फ बिल्डिंग मिली, मेडिकल कॉलेज की सुविधाएं नहीं

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रुद्रपुर, अमृत विचार। घोषणाओं से शुरू हुई रुद्रपुर के लिए मेडिकल कॉलेज की उम्मीद 17 साल बाद भी सफर कर रही है। वर्ष 2021 में बिल्डिंग तो मिल गई लेकिन मेडिकल कॉलेज की सुविधाएं शुरू नहीं हो सकीं। कॉलेज में एक भी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हुई है। यहां तक कि प्राचार्य तक की तैनाती …

रुद्रपुर, अमृत विचार। घोषणाओं से शुरू हुई रुद्रपुर के लिए मेडिकल कॉलेज की उम्मीद 17 साल बाद भी सफर कर रही है। वर्ष 2021 में बिल्डिंग तो मिल गई लेकिन मेडिकल कॉलेज की सुविधाएं शुरू नहीं हो सकीं। कॉलेज में एक भी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हुई है। यहां तक कि प्राचार्य तक की तैनाती नहीं की गई है। ऐसे में अब उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2022 में यह सौगात पूरी तरह से धरातल पर होगी।

मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए पहली बार वर्ष 2004 में घोषणा हुई थी। तब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और एनडी तिवारी मुख्यमंत्री थे। उस समय रुद्रपुर के विधायक तिलकराज बेहड़ रुद्रपुर के विधायक थे। तब से जनप्रतिनिधि लगातार अपने भाषणों के जरिये लोगों में मेडिकल कॉलेज की उम्मीद जगाते आए हैं। लेकिन हकीकत तो यह है कि कॉलेज के नाम पर सिर्फ अस्पताल का भवन ही बना है। यहां डॉक्टर से लेकर प्राचार्य तक की कोई नियुक्ति नहीं हुई है। यहां तक कि भवन निर्माण में भी अभी अंतिम कार्य बाकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों की मानें तो उम्मीद है कि वर्ष 2022 में मेडिकल कॉलेज की सुविधा लोगों के लिए शुरू हो सकती हैं।

निर्माण एजेंसी बदलने से आई थी दिक्कत
इस साल भी भवन का निर्माण अटक सकता था। निर्माण एजेंसी बदलने से दिक्कतें खड़ी हो गई थी। मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए करीब 338 करोड़ रुपये की योजना है। निर्माण कार्य के लिए पहले ईपीआईएल को जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन शिकायतें आने पर सरकार ने यह काम उत्तर प्रदेश जल निगम को सौंप दिया। उसके बाद कार्य अधर में लटक गया।

नौ माह पहले सृजित हुए पदों पर नहीं हुई नियुक्ति
एक जनवरी 2021 को शासन ने 927 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। इसमें 193 संकाय सदस्य और बाकी अन्य पद हैं। नौ माह पहले हुए इन पदों के सृजित होने के बावजूद नियुक्ति अब तक नहीं हो सकी है।

मेडिकल कालेज पूरी तरह से शुरू होने में अभी समय लगेगा। नए साल में प्राचार्य की नियुक्ति हो सकती है। बाकी औपचारिकताओं को जल्द किया जा सके, ऐसा प्रयास चल रहा है।

– सुनीता चुफाल रतूड़ी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

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