बरेली: शिया समुदाय में मजलिस का दौर शुरू
बरेली, अमृत विचार। हजरत मोहम्मद साहब की बेटी फातमा जहरा की शहादत पर कारवान ए अदब की जानिब से पांच दिवसीय मजलिसों का सोमवार से आगाज हो गया। मोहल्ला गढ़य्या के इमामबाड़ा वसी हैदर में आयोजित पहली मजलिस को मौलाना अली रिजवान जैदपुरी ने खिताब करते हुए फात्मा को इस्मत ओ तहारत की मिसाल करार …
बरेली, अमृत विचार। हजरत मोहम्मद साहब की बेटी फातमा जहरा की शहादत पर कारवान ए अदब की जानिब से पांच दिवसीय मजलिसों का सोमवार से आगाज हो गया। मोहल्ला गढ़य्या के इमामबाड़ा वसी हैदर में आयोजित पहली मजलिस को मौलाना अली रिजवान जैदपुरी ने खिताब करते हुए फात्मा को इस्मत ओ तहारत की मिसाल करार दिया।
उन्होंने कहा कि नबी ए करीम हजरत मोहम्मद साहब ने हमेशा अपनी बेटी फात्मा के सम्मान में खड़े होकर उन्हें अपनी जगह बैठाते हुए पूरी कायनात को आपकी अजमत ओ फजीलत का तर्रूफ करवाया। मौलाना ने कहा कि हजरत फात्मा ने अपने बाबा हजरत मोहम्मद साहब के बाद अनेक कठिनाई का सामना किया लेकिन कभी भी अपने शौहर हजरत अली से कोई शिकवा नहीं किया। फात्मा ने अपने जीवन को बड़े ही सादगी के साथ इस तरह गुजारा कि वो दुनिया की तमाम औरतों के लिए मिसाल बन गयी।
अंत में मौलाना ने फात्मा की शहादत को इस अंदाज़ से बयान किया कि वहां मौजूद लोग फूट-फूट कर रोने लगे। मजलिस के बाद मुकामी अंजुमन गुलदस्ता ए हैदरी ने नौहा ख्वानी व सीना जनी करते हुए खिराजे अकीदत पेश की। संस्था प्रमुख समर अब्बास जैदी ने बताया कि मजलिसों का ये सिलसिला 7 जनवरी शुक्रवार तक जारी रहेगा।
