हल्द्वानी: देसी मयखानों में लूटे जा रहे शराब के गरीब शौकीन
सर्वेश तिवारी, हल्द्वानी, अमृत विचार। जिले की देसी शराब की दुकानों में ग्राहकों को खुलेआम लूटा जा रहा है। ओवररेट के इस खेल में पांच से 10 रुपए की वसूली की जा रही है और लाखों के वारे-न्यारे किए जा रहे हैं। जिले में देसी शराब की 32 दुकानें हैं और अधिकांश में ओवररेट का …
सर्वेश तिवारी, हल्द्वानी, अमृत विचार। जिले की देसी शराब की दुकानों में ग्राहकों को खुलेआम लूटा जा रहा है। ओवररेट के इस खेल में पांच से 10 रुपए की वसूली की जा रही है और लाखों के वारे-न्यारे किए जा रहे हैं।
जिले में देसी शराब की 32 दुकानें हैं और अधिकांश में ओवररेट का खेल चल रहा है। देसी शराब के पव्वे पर पांच रुपए और बोलत पर सीधा 10 रुपए बढ़ा कर लिए जा रहे हैं। 75 रुपए में बिकने वाला देसी गुलाब का पौव्वा खुले बाजार में 80 रुपए का बेचा जा रहा है। जबकि 155 वाले हाफ पर 160 रुपए की वसूली की जा रही है।
यानी दोनों पर पांच-पांच रुपए की ओवर रेटिंग का खेल चल रहा है। जबकि खुदरा मूल्य पर बिकने वाली 300 रुपए की हाफ पर सीधा 10 रुपए बढ़ा कर 310 रुपए वसूल किए जा रहे हैं। देसी शराब के शौकीन इसका विरोध भी नहीं करते और इसके पीछे एक बड़ी वजह है। दरअसल, देसी शराब पीने वालों में अधिकांश लोग अशिक्षित और गरीब तबके के हैं। जिसमें दिहाड़ी मजदूरों की संख्या बहुतायत में हैं। इनकी गरीब और अशिक्षा का फायदा उठाकर पांच से 10 रुपए अतिरिक्त लिए जा रहे हैं।
रुद्रपुर में दूसरी शराब बिकती है
हल्द्वानी। ताजा मामला रामपुर रोड पर स्थित देसी शराब की दुकान का है। यहां अमृत विचार का रिपोर्टर हकीकत जानने पहुंचा तो पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ। शराब खरीदने पहुंचे एक अन्य युवक ने जब बढ़े दाम का विरोध किया तो सेल्समैन ने उसे उल्टा समझा दिया। खरीदार ने तर्क दिया कि रुद्रपुर में तो पौव्वा 75 का मिलता है तो यहां 80 का क्यों दे रहे हो। इस पर सेल्समैन का तर्क था कि रेट बढ़ गए हैं और जो रेट पौव्वे पर लिखे हैं वो माल पुराना है। इसके बाद मजदूर दिख रहे व्यक्ति ने पौव्वा कमर में खोसा और चलता बना।
सस्ती बिक रही अंग्रेजी शराब
हल्द्वानी। अंग्रेजी शराब की खरीद पर इन दिनों भारी छूट चल रही है। ये छूट पिछले साल भी ग्राहकों को दी जा रही थी और माना जा रहा था कि इसके पीछे दुकानदारों को पास स्टॉक ज्यादा था। बहरहाल, शराब के शौकीनों के लिए अच्छी बात है। इसके इतर, पिछले लंबे समय से ऐसी सूचना नहीं मिली कि अंग्रेजी शराब ओवररेट बेची जा रही है। इसके पीछे एक बड़ी वजह यह है कि अंग्रेजी शराब पीने वालों में पढ़े-लिखे लोगों की संख्या बहुत है और पढ़े-लिखे लोगों को बरगलाना आसान नहीं होता।
ओवररेट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले की जांच कराई जाएगी। यदि किसी भी दुकानदार पर ओवररेट मिलता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
– रेखा जुयाल भट्ट, जिला आबकारी अधिकारी
