अल्मोड़ा में बारिश से चार मार्गों की रफ्तार पर ब्रेक
अल्मोड़ा, अमृत विचार। पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले दो तीन दिनों से बदले मौसम के मिजाज के कारण यहां इसका जनजीवन पर खासा असर पड़ा है। बारिश और बर्फबारी के कारण अल्मोड़ा जिले के चार मोटर मार्गों की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा हुआ है। आवाजाही बंद होने के कारण पिछले दो तीन दिनों से …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले दो तीन दिनों से बदले मौसम के मिजाज के कारण यहां इसका जनजीवन पर खासा असर पड़ा है। बारिश और बर्फबारी के कारण अल्मोड़ा जिले के चार मोटर मार्गों की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा हुआ है। आवाजाही बंद होने के कारण पिछले दो तीन दिनों से यहां लोग पैदल अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
पिछले तीन दो दिनों के बीच हुई बारिश के कारण जहां जिले में शीतलहर का प्रकोप है। वहीं बारिश के कारण मलबा आने के कारण जिले के चार मार्गों पर आवाजाही भी पूरी तरह से बंद है। आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार वल्मरा-चनौली, सुमनलता भदौला-सीम, आटी हनुमान मंदिर व आल्मियां कांडे से दिल्ली जाने वाले मोटर मार्ग पर जगह जगह मलबा आ गया है।
जिस कारण इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। मजबूरी में इन मार्गों पर अब यात्री पैदल चलकर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। हालांकि आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सूचना मिलने के बाद संबंधित विभागों को इन मार्गों को तत्काल खोलने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। लेकिन मंगलवार को इन मार्गों को सुचारू करने में संबंधित विभागों को सफलता नहीं मिल पाई। जिस कारण मौसम ठीक होने के बाद भी यात्रियों की समस्या जस तस बनी रही।
मंगलवार की भी छाए रहे बादल
अल्मोड़ा : सोमवार की रात जिले के अनेक स्थानों पर बारिश हुई। लेकिन मंगलवार को बारिश और बर्फबारी न होने के कारण लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन मंगलवार को भी दिन भर आसमान में बादल आंख मिचौली करते रहे। पूरे जिले में कड़ाके की शीतलहर का प्रकोप जारी है। कई स्थानों पर बिजली की आपूर्ति न होने के कारण भी लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कहां कितनी बारिश
अल्मोड़ा = 15.7 एमएम
रानीखेत =26.0 एमएम
द्वाराहाट = 15.0 एमएम
चौखुटिया = 19.0 एमएम
सोमेश्वर = 16.0 एमएम
भिकियासैंण : 4.0 एमएम
जागेश्वर =11.0 एमएम
ताकुला = 12.50 एमएम
सल्ट = 12.0 एमएम
शीतलाखेत = 10.0 एमएम
भैंसियाछाना = 12.0 एमएम
