मलयालम कवि एस रमेशन का निधन, केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने जताया शोक
नई दिल्ली। जाने-माने मलयालम कवि एस रमेशन का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। रमेशन के परिवार के लोगों ने यह जानकारी दी। केरल के सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्ती और प्रगतिशील आंदोलन के प्रचारक रमेशन ने बृहस्पतिवार सुबह अपने आवास पर अंतिम श्वांस ली। वह 69 साल के थे। कोट्टायम जिले के वैकोम में 16 …
नई दिल्ली। जाने-माने मलयालम कवि एस रमेशन का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। रमेशन के परिवार के लोगों ने यह जानकारी दी। केरल के सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्ती और प्रगतिशील आंदोलन के प्रचारक रमेशन ने बृहस्पतिवार सुबह अपने आवास पर अंतिम श्वांस ली। वह 69 साल के थे।
कोट्टायम जिले के वैकोम में 16 फरवरी 1952 को रमेशन का जन्म हुआ था। उन्होंने ”शिधिला चित्रंगल”, ”एनिककारोदुम पकायिला”, ”कलुषिता कलम” जैसी चर्चित किताबें लिखी। रमेशन ने 1996-2001 के दौरान सांस्कृतिक मामलों के तत्कालीन मंत्री टी के रामकृष्णन के अधीन अतिरिक्त निजी सचिव के रूप में काम किया।
केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार और आसन स्मृति कविता पुरस्कार समेत कई सम्मान से नवाजे गए रमेशन 2007 में अतिरिक्त विकास आयुक्त के रूप में सेवा से सेवानिवृत्त हुए। रमेशन के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं। कवि के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि रमेशन के निधन से राज्य के प्रगतिशील, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र और विशेष रूप से ”पुरोगमना कला साहित्य संघम” को गहरा नुकसान हुआ है।
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