भारतीय पुरुष मुक्केबाजी टीम के हाई परफार्मेंस निदेशक Santiago Nieva का करार एक साल और बढ़ा

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नई दिल्ली। भारतीय पुरुष मुक्केबाजी टीम के हाई परफार्मेंस प्रदर्शन निदेशक के लिए राष्ट्रीय महासंघ के अंदर कई दौर के विचार-विमर्श के बाद सैंटियागो नीवा के करार को  कम से कम एक और साल के लिए बरकरार रखने का फैसला किया गया।  यह जानकारी महासंघ से जुड़े सूत्रों ने दी। भारतीय मुक्केबाजी संघ (बीएफआई) महिला मुक्केबाजों …

नई दिल्ली। भारतीय पुरुष मुक्केबाजी टीम के हाई परफार्मेंस प्रदर्शन निदेशक के लिए राष्ट्रीय महासंघ के अंदर कई दौर के विचार-विमर्श के बाद सैंटियागो नीवा के करार को  कम से कम एक और साल के लिए बरकरार रखने का फैसला किया गया।  यह जानकारी महासंघ से जुड़े सूत्रों ने दी।

भारतीय मुक्केबाजी संघ (बीएफआई) महिला मुक्केबाजों के लिए एक हाई परफार्मेंस निदेशक की खोज को पूरा करने के लिए विज्ञापनों के माध्यम से आवेदन आमंत्रित करेगा। टोक्यो ओलंपिक के बाद इटली के राफेल बर्गमास्को के अनुबंध का नवीनीकरण नहीं होने से यह पद खाली है। इस ओलंपिक में लवलीना बोरगोहेन पदक (कांस्य) जीतने वाली इकलौती भारतीय मुक्केबाज थी। नीवा अभी स्वीडन में है और ओलंपिक के बाद उनके करार को तीन महीने के लिए बढ़ाया गया था।

बीएफआई ने पहले कहा था कि नीवा को एक और विस्तार दिया जाना टोक्यो में प्रदर्शन की समीक्षा पर निर्भर करेगा जहां कोई भी पुरुष मुक्केबाज प्रारंभिक दौर से आगे नहीं जा सका। महासंघ से जुड़े एक शीर्ष अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ” सैंटियागो को बरकरार रखने का करार लगभग पूरा हो गया है। महिला टीम के लिए हाई परफार्मेंस प्रदर्शन निदेशक के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा।

भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने बीएफआई को जूनियर और युवा मुक्केबाजों के लिए भी हाई परफार्मेंस निदेशक रखने की अनुमति दी है, इसलिए हम इन पदों के लिए भी विज्ञापन देंगे।” उन्होंने कहा, ” सैंटियागो एक और वर्ष के लिए रहेंगे। यह निर्णय लिया गया है कि मुक्केबाजों के सभी विदेशी कोचों से हाई परफार्मेंस निदेशकों के रूप में करार किया जायेगा। महासंघ हालांकि कुछ महीने पहले तक नीवा की आलोचना कर रहा था।

इसमें अधिकारियों ने कहा था कि भारतीय मुक्केबाजों का ओलंपिक प्रदर्शन ‘ निराशाजनक’ रहा था।  रिकॉर्ड नौ मुक्केबाजों (पांच पुरुष और चार महिलाएं) ने क्वालीफिकेशन हासिल किया था जिसमें से सिर्फ लवलीना ही पदक जीत सकी। ओलंपिक से पहले इन मुक्केबाजों ने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया था।

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