हल्द्वानी: हुनर सीखने में युवाओं को नहीं दिलचस्पी
हल्द्वानी, अमृत विचार। राजकीय औद्योगिक एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रवेश का आज आखरी दिन है। बावजूद अभी तक 30 प्रतिशत के करीब सीट खाली पड़ी हुई है। सीट भरने को लेकर आईटीआई प्रशासन ने काफी प्रयास किए, लेकिन उनके प्रयास सफल होते दिखाई नहीं दे रहे हैं। युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए सरकार लगातार …
हल्द्वानी, अमृत विचार। राजकीय औद्योगिक एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रवेश का आज आखरी दिन है। बावजूद अभी तक 30 प्रतिशत के करीब सीट खाली पड़ी हुई है। सीट भरने को लेकर आईटीआई प्रशासन ने काफी प्रयास किए, लेकिन उनके प्रयास सफल होते दिखाई नहीं दे रहे हैं।
युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन युवाओं को हाथ का कारीगर बनने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं है। ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि राजकीय औद्योगिक एवं प्रशिक्षण संस्थान में हुए प्रवेश के आंकड़े बयां कर रहे हैं। आज (15 जनवरी) को प्रवेश की आखिरी तारीख है और अभी तक 30 प्रतिशत सीट खाली पड़ी हुई हैं। यह सीट सभी ट्रेड में बताई जा रही हैं। इन्हें भरने के लिए प्रशिक्षण संस्थान प्रशासन ने अपने स्तर पर प्रयास भी किए, लेकिन वह इसमें सफल होते दिखाई नहीं दे रहे हैं।
इन ट्रेड में हैं खाली सीटें
विद्युतकार, इलैक्ट्रानिक्स, आरएसी, फिटर, टर्नर, मशीनिष्ट, मोटर मैके. व्हीकल, वायरमैन, वैल्डर, प्लम्बर, आशुलिपि हिंदी, आटो बॉडी पेटिंग, आटो बॉडी रिपेयर
मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है। इसिलए कार्यालय नहीं जा रहा हूं। मुझे जानकारी नहीं है कि कितनी सीट भरी हैं और कितनी खाली हैं।
– जेएस जलाल, प्राचार्य आईटीआई कॉलेज, हल्द्वानी
