ऑनलाइन विज्ञापन बिक्री में गूगल, फेसबुक के सीईओ की मिलीभगत का आरोप; जानिए मामला
वाशिंगटन। गूगल के खिलाफ अमेरिका के राज्य के नेतृत्व वाले एकाधिकार व्यापार विरोधी वाद के नए असंशोधित दस्तावेजों में ऑनलाइन विज्ञापन बिक्री में हेरफेर करने के लिए प्रतिद्वंद्वी फेसबुक के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। वाद में आरोप लगाया गया है कि दोनों कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को समझौते की जानकारी …
वाशिंगटन। गूगल के खिलाफ अमेरिका के राज्य के नेतृत्व वाले एकाधिकार व्यापार विरोधी वाद के नए असंशोधित दस्तावेजों में ऑनलाइन विज्ञापन बिक्री में हेरफेर करने के लिए प्रतिद्वंद्वी फेसबुक के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। वाद में आरोप लगाया गया है कि दोनों कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को समझौते की जानकारी थी और उन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए। दिसंबर 2021 में दायर किए गए मूल, संशोधित वाद में गूगल पर ‘‘प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण’’ करने और सोशल नेटवर्किंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी फेसबुक के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया गया। लेकिन इसका असंशोधित संस्करण अल्फाबेट (गूगल की मूल कंपनी) के सीईओ सुंदर पिचाई और फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की भागीदारी के बारे में विवरण प्रदान करता है। फेसबुक ने अब अपना नाम बदलकर मेटा कर लिया है।
वाद के अनुसार, फेसबुक की मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) शेरिल सैंडबर्ग ने 2018 में सिलसिलेवार ईमेल के जरिए बातचीत में ‘‘स्पष्ट किया कि यह रणनीतिक रूप से एक बड़ा सौदा है।’’ इस सौदे में फेसबुक के सीईओ भी शामिल थे। मुकदमे में फेसबुक के अधिकारियों के नाम अब भी संशोधित किए जा रहे हैं लेकिन उनके उपनाम स्पष्ट तौर पर दिख रहे हैं। दायर वाद के अनुसार, जब दोनों पक्षों ने समझौते की शर्तों पर सहमति बना ली, तब ‘‘टीम ने सीधे सीईओ जुकरबर्ग को संबोधित कर एक ईमेल भेजा।’’ शिकायत के अनुसार, ईमेल में लिखा है, ‘‘हस्ताक्षर करने के लिए लगभग तैयार हैं और आगे बढ़ने के लिए आपकी स्वीकृति की आवश्यकता है।’’ शिकायत में कहा गया है कि जुकरबर्ग निर्णय लेने से पहले सैंडबर्ग और उनके अन्य अधिकारियों से मिलना चाहते थे। गूगल के प्रवक्ता पीटर शोटेनफेल्स ने एक बयान में कहा कि मुकदमे में ‘‘कई गलतियां हैं और कानूनी विशेषता का अभाव है।’’ सितंबर 2018 में शिकायत में कहा गया कि दोनों कंपनियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
