हल्द्वानी: तीसरी लहर में जिंदगी के लिए ऑक्सीजन की जरूरत कम

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हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना की तीसरी लहर में राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन कोविड अस्पतालों में दूसरी लहर की अपेक्षा स्थिति काफी सामान्य चल रही है। अगर दूसरी लहर से तुलना से करें यहां ऑक्सीजन की खपत काफी हो रही है। साथ ही अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों की संख्या में कम है। कोरोना की …

हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना की तीसरी लहर में राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन कोविड अस्पतालों में दूसरी लहर की अपेक्षा स्थिति काफी सामान्य चल रही है। अगर दूसरी लहर से तुलना से करें यहां ऑक्सीजन की खपत काफी हो रही है। साथ ही अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों की संख्या में कम है।

कोरोना की दूसरी लहर में कोविड मरीजों को बचाने के लिए ऑक्सीजन की काफी जरूरत पड़ी थी। सारे संसाधन झोंक देने के बाद भी ऑक्सीजन की कमी से अस्पताल से जूझ रहे थे। सुशीला तिवारी अस्पताल में कोविड की दूसरी लहर के दौरान प्रतिदिन ऑक्सीजन के 1500 सिलेंडर की जरूरत पड़ रही थी। एक सिलेंडर में 46.7 लीटर ऑक्सीजन होती है। कोविड मरीजों को बचाने के लिए प्रतिदिन 70050 लीटर ऑक्सीजन की खपत हो रही थी।

फिलहाल एसटीएच में एक हजार एलपीएम क्षमता के चार व 500 एलपीएम क्षमता के दो ऑक्सीजन प्लांट हैं। दूसरी लहर में एसटीएच में कोविड के लिए 500 बेडों की व्यवथ्सा की। यहां सारे बेड भरे हुए थे। आईसीयू में 90 बेड पर मरीज भरे हुए थे। इसके अलावा बाकी बचे 410 सामान्य बेडों पर भी कोविड मरीजों के लिए जगह नहीं मिल रही थी।

इस बार स्थिति पूरी तरह से उलट है। एसटीएच में प्रतिदिन केवल 200 लीटर ऑक्सीजन की ही जरूरत पड़ रही है। इस बार बीसी जोशी कोविड अस्पताल 500 बेडों की संख्या बढ़ने के बाद भी यहां अस्पतालों में केवल छह मरीज भर्ती हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस बार जरूरत पड़ने पर 1000 कोविड मरीजों को भर्ती करने की सुविधा है।

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