अयोध्या: योगी गए गोरखपुर, समर्थक निराश, व्यापारियों ने बांटे लड्डू

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अयोध्या। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद अयोध्या में समर्थकों का दिल टूट गया। साधु-संतों में भी उदासी छा गई। हालांकि विरोधी खेमे और कुछ व्यापारियों ने खुशी में जश्न मनाते हुए लड्डू भी बांटे। वहीं योगी के गोरखपुर जाने …

अयोध्या। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद अयोध्या में समर्थकों का दिल टूट गया। साधु-संतों में भी उदासी छा गई। हालांकि विरोधी खेमे और कुछ व्यापारियों ने खुशी में जश्न मनाते हुए लड्डू भी बांटे। वहीं योगी के गोरखपुर जाने के बाद भाजपा के उन दावेदारों की किस्मत चमक सकती है, जो अयोध्या विधानसभा से ताल ठोकना चाहते थे।

5वें दीपोत्सव के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से चुनाव लड़ने की सुगबुगाहट चलने लगी थी, लेकिन कई बार ऐसे अवसर आए, जिससे पता चलता था कि योगी अयोध्या विधानसभा से चुनाव नहीं लड़ेंगे। इस बीच अयोध्या में कई दावेदार तैयार हो गए, जिनमें सीटिंग विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, मंदिर आंदोलन के शलाका पुरुष गुरुदत्त सिंह के पौत्र शक्ति सिंह, भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री हर्षवर्धन सिंह, महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, सांसद लल्लू सिंह के पुत्र विकास सिंह, भाजपा नेता अभय सिंह व हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास शामिल हैं।

आठ दावेदारों में टिकट पाने की होड़ मची ही थी कि 31 दिसंबर को गृहमंत्री अमित शाह और प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या यहां जनसभा करने आ गए। इस बीच मीडिया की नजरों से बचते हुए सीएम योगी के ओएसडी संजीव सिंह यहां पहुंच गए। उन्होंने भाजपा के बूथ अध्यक्षों के साथ बैठक की और उपहारों से भरा एक बैग भी दिया, जिसमें स्मार्ट फोन था। भाजपा के विश्वस्त सूत्रों ने बताया था कि योगी के अयोध्या से लड़ने की अब पूरी तैयारी है। इसलिए बूथ अध्यक्षों को मोबाइल दिया गया है, ताकि समय-समय पर उन्हें निर्देशित किया जा सके।

योगी के यहां से चुनाव लड़ने की बात पर एक और खबर ने उस वक्त मुहर लगा दी जब यहां ऑफिस के लिए तीन भवन व सिक्योरिटी की खातिर तीन प्राइवेट स्कूलों को हायर किए जाने की सूचना मिली। इसके बार तो खबर पुख्ता हो गई और मीडिया में योगी को अयोध्या के साथ जोड़ा जाने लगा। तीन दिन पहले ही दिल्ली में चल रही बैठक के दौरान भी यह बात सामने आई कि योगी अयोध्या से ही चुनाव लड़ेंगे। सिर्फ आधिकारिक पुष्टि ही बाकी है।

शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान की तरफ से भाजपा की दो चरणों की सूची जारी होते ही सारी तस्वीर साफ हो गई। इसके बाद अयोध्या के उन तमाम योगी समर्थकों को तगड़ा झटका लगा, जो योगी को अयोध्या से उम्मीदवार मानकर बैठे थे। विरोधी खेमे में तो खुशियों की लहर दौड़ पड़ी। वहीं अयोध्या धाम में विकास कार्यों के चलते परेशान व्यापारियों ने खुशी में लड्डू बांटे। अयोध्या के व्यापारी नेता नन्द कुमार गुप्ता ने कहा कि भाजपा राज में व्यापारियों का काफी नुकसान हुआ है। योगी का अयोध्या से टिकट कटने पर हम लोगों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। इस दौरान महेश गुप्ता, शिव सहाय सोनी, शैलेन्द्र गुप्ता, मुन्नू तिवारी व आरती जायसवाल मौजूद रहे।

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