काशीपुर: कर्मियों के लिए रेलवे चला रहा कई कल्याणकारी योजनाएं
काशीपुर, अमृत विचार। रेलवे कर्मचारी कल्याण कई योजनाएं चलाकर कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर समय से सभी देयों का भुगतान, अनुकंपा नियुक्ति, गंभीर बीमारियों एवं बच्चों के तकनीकी व्यावसायिक शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता मुहैया करा रहा है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2021-22 में अभी तक पूर्वोत्तर रेलवे पर 268 …
काशीपुर, अमृत विचार। रेलवे कर्मचारी कल्याण कई योजनाएं चलाकर कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर समय से सभी देयों का भुगतान, अनुकंपा नियुक्ति, गंभीर बीमारियों एवं बच्चों के तकनीकी व्यावसायिक शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता मुहैया करा रहा है।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2021-22 में अभी तक पूर्वोत्तर रेलवे पर 268 कर्मियों के आश्रितों को नियुक्ति प्रदान की गई है। विशेष निगरानी रखने के चलते 90 दिनों के भीतर ही अनुकंपा नियुक्ति का कार्य पूर्ण हो रहा है।
कोविड-19 महामारी में भी मृत कर्मचारियों के आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति और समापक भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया गया। हाल ही में पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल द्वारा मृत रेलकर्मियों के आश्रितों को समापक भुगतान एवं अनुकंपा नियुक्ति की जानकारी देने के लिए सहयोग एप विकसित किया है। कर्मचारी कल्याण निधि से कैंसर/गंभीर बीमारियों से पीड़ित रेल कर्मचारियों एवं उनके परिवार को प्रत्येक मामले में 2 लाख रूपये की दर से किया जाता है।
इस मद में वर्तमान वित्त वर्ष में अभी तक 24,15,800 रूपये का भुगतान किया जा चुका है। कर्मचारियों के शारीरिक एवं मानसिक दिव्यांग बच्चों एवं कर्मचारियों को कृत्रिम शारीरिक उपकरण एवं अन्य सहायक उपकरणों के लिए 26,58,800 रुपये, कठिन परिस्थितियों, बीमारियों आदि में अराजपत्रित रेल कर्मचारियों को 49,92,467 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।
रेल कर्मचारियों के बच्चों को तकनीकी/व्यावसायिक शिक्षा की छात्रवृत्ति के रूप में कर्मचारी कल्याण निधि से इस वर्ष पूर्वोत्तर रेलवे पर 1,45,25,297 रुपये का भुगतान किया गया। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर 2021 को पेंशन अदालत में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को देय 86,46,324 रुपये का भुगतान किया गया। कोविड-19 वैश्विक महामारी में मृत रेल कर्मचारियों के आश्रितों के पक्ष में 105 मामलों में कर्मचारी कल्याण निधि से प्रत्येक मृत रेल कर्मचारी के आश्रित को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।
