हल्द्वानी: क्वारंटीन तोड़कर कोरोना पॉजिटिव ने चलाई थी गोली
हल्द्वानी, अमृत विचार। मुखानी थाना क्षेत्र के सरस्वतीनगर जयदेवपुर में जमीन के विवाद को लेकर पुलिस के सामने गोलीबारी करने वाला थाने में कोरोना पॉजिटिव निकल आया। इसके बाद हड़कंप मच गया। खास बात ये है कि कोरोना पॉजिटिव ने सोमवार को क्वारंटीन समय सीमा तोड़कर गोलियां चलाईं। इस मामले में पिता अपने दोनों आरोपी …
हल्द्वानी, अमृत विचार। मुखानी थाना क्षेत्र के सरस्वतीनगर जयदेवपुर में जमीन के विवाद को लेकर पुलिस के सामने गोलीबारी करने वाला थाने में कोरोना पॉजिटिव निकल आया। इसके बाद हड़कंप मच गया। खास बात ये है कि कोरोना पॉजिटिव ने सोमवार को क्वारंटीन समय सीमा तोड़कर गोलियां चलाईं। इस मामले में पिता अपने दोनों आरोपी पुत्रों के साथ गिरफ्तार हो चुका है।
सरस्वतीनगर जयदेवपुर निवासी शमशेर सिंह का घर के पास स्थित भूमि को लेकर बिलासपुर निवासी हरपाल सिंह से विवाद चल रहा था। सोमवार को हरपाल को भनक लगी कि शमशेर ने विवादित भूमि पर गोशाला बना दी। इसके बाद हरपाल अपने साथियों और रिश्तेदारों के साथ मौके पर जा पहुंचा और गोशाला ध्वस्त कर दी। इससे आक्रोशित शमशेर और कोरोना पॉजिटिव पुत्र अमिताभ असलहे लेकर बाहर आ गए और फायर झोंक दिया। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपियों ने फिर फायरिंग की। इस पूरी वारदात में शमशेर के दूसरे बेटे गुरुसेवक सिंह ने भी सहयोग किया।
पुलिस ने गुरुसेवक और अमिताभ को मौके से ही हिरासत में ले लिया था। जबकि शाम ढलते-ढलते शमशेर की भी गिरफ्तारी हो गई। इधर, शक के आधार पर जब अमिताभ की जांच कराई गई तो वह पॉजिटिव निकल आया। इसके बाद हड़कंप मच गया। क्योंकि तब तक कई पुलिसकर्मी अमिताभ के संपर्क में आ चुके थे। एसपी सिटी हरबंस सिंह ने संपर्क में आए सभी पुलिस कर्मियों को जांच कराने के आदेश दिए।
मामले में एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि आरोपी के घर से तीन असलहे बरामद किए गए हैं। इसमें 315 बोर व 12 बोर का अवैध तमंचा, एक दोनाली बंदूक, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा था। आरोपियों ने बताया कि बंदूक का लाइसेंस है, लेकिन वह लाइसेंस नहीं दिखा सके। इसके बाद बंदूक को भी जब्त कर लिया गया। गोलीबारी में हरपाल पक्ष के दर्शन सिंह, लखविंदर सिंह, हरपाल सिंह व साहिल घायल हुए थे।
एक गलती ने वादी को मुल्जिम बना दिया
हल्द्वानी। पूरे मामले में वादी बन रहे लोगों को एक गलती ने आरोपी बना दिया। दरअसल, झगड़े की शुरुआत विवादित जमीन पर बनी झोपड़ी को गिराने से हुई। यदि इस मामले में आरोपी शमशेर का पक्ष धैर्य रखता और पुलिस की मदद लेता तो इस वक्त शमशेर को अपने बेटों के साथ जेल न जाना पड़ता, लेकिन गोली चलाने और गोली चलने की वजह से चार लोगों के घायल होने के बाद मामला गंभीर हो गया। शमशेर और पुत्रों पर इस मामले में गंभीर धाराएं लगाई गईं है। अगर गोली न चलती और शमशेर का पक्ष पुलिस की मदद लेता तो इस मामले में सीधे तौर पर हरपाल पक्ष के खिलाफ ही पुलिस कार्रवाई करती।
घायल पक्ष पर भी दर्ज की गई रिपोर्ट
हल्द्वानी। इस मामले में शमशेर के बेटे इंद्रपाल सिंह ने हरपाल सिंह निवासी माठखेड़ा बिलासपुर, कश्मीर सिंह, गुरुचरण सिंह, अमोल सिंह, जशन सिंह निवासी जयदेवपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। कहा है कि मामले में शमशेर ने उक्त लोगों से खुद की व परिवार की जान का खतरा बताते हुए बीते वर्ष 10 मई, 30 जून और इस वर्ष 13 जनवरी को तहरीर दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इससे उक्त लोगों का हौसला बुलंद हुआ और बीते सोमवार को लाठी-डंडों व हथियारों से लैस होकर हमला बोल दिया। झोपडी तोड़ दी, बिजली का मीटर उखाड़ दिया और गाली-गलौज करते हुए घर में घुस गए। महिलाओं को अपशब्द बोलकर अभद्रता की।
पुलिस के सामने फायरिंग की जांच करेंगे एसपी सिटी
हल्द्वानी। पूरे मामले में एक बात यह सामने आई कि आरोपियों ने आरटीओ चौकी पुलिस के सामने गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए। घटना के वक्त आरटीओ चौकी प्रभारी को भी मौके पर बताया गया। हरपाल पक्ष का कहना था कि सामने फायरिंग होने के बावजूद पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोशिश भी नहीं की। इन आरोपों को गंभीरता से लिया गया है अब खुद एसपी सिटी हरबंस सिंह इसकी जांच करेंगे।
