अमरोहा में 32 साल से जीत की जमीन तलाश रही कांग्रेस
मनोज पंवार/अमृत विचार। जिले में पिछले 32 साल से कांग्रेस अपनी चुनावी जीत की जमीन तलाश कर रही है। लेकिन, कभी उम्मीदों को पंख नहीं लगे। जब अमरोहा जनपद मुरादाबाद जिले में आता था, तब कांग्रेस का आखिरी बार विधायक हसनपुर विधानसभा से बना था। लेकिन, उसके बाद से लगातार पार्टी हाशिए पर चलती चली …
मनोज पंवार/अमृत विचार। जिले में पिछले 32 साल से कांग्रेस अपनी चुनावी जीत की जमीन तलाश कर रही है। लेकिन, कभी उम्मीदों को पंख नहीं लगे। जब अमरोहा जनपद मुरादाबाद जिले में आता था, तब कांग्रेस का आखिरी बार विधायक हसनपुर विधानसभा से बना था। लेकिन, उसके बाद से लगातार पार्टी हाशिए पर चलती चली गई।
पिछले विधानसभा चुनाव में सपा से कांग्रेस का गठबंधन था, तब भी कोई सीट हासिल नहीं कर सकी। अब पार्टी के सामने अपने आप को खड़ा करने की बड़ी चुनौती है। हालांकि इस चुनाव में संगठन के कार्यकर्ता प्रियंका गांधी के सहारे जीत का दावा भी कर रहे हैं। पार्टी ने सात प्रतिज्ञा करी हैं, जिसमें एक है लड़की हूं चुनाव लड़ सकती हूं के सहारे महिलाओं को रिझाया जा रहा है।
यूपी विधानसभा चुनाव की रणबेरी बज चुकी है। सभी ने अपनी-अपनी सेनाओं को तैयार कर लिया है। सपा ने दो, कांग्रेस ने दो और बसपा ने दो-दो सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए है। हालांकि, भाजपा ने चारों सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। राजनैतिक पार्टियां अपने-अपने स्तर से चुनाव में जुट चुकी हैं।
कांग्रेस भी अपना पुराना इतिहास दोहराने की जदोजहद में लगी है। लेकिन, कांग्रेस के सामने जिले में अपना विधायक बनाना सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि जब से अमरोहा जिला बना है, तब से लेकर आज तक कांग्रेस का उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाया। जिसे लेकर पार्टी सिपाहसलार भी रणनीति बनाने में लगे हैं। जब गंगेश्वरी मुरादाबाद जिले में आती थी, तब यहां से कांग्रेस के विधायक भगवानदास रहे थे। इसके बाद पार्टी अपनी जमीन खोती चली गई। यही हाल अमरोहा विधान सभा में रहा 1980 में खुर्शीद अहमद चुनाव जीते थे। लेकिन, फिर यहां पर कांग्रेस चुनाव जीत नहीं सकी।
इसी तरह हसनपुर में रिफाकत हुसैन चुनाव जीते। वर्ष 1997 में मुख्यमंत्री मायावती ने अमरोहा को मुरादाबाद से अलग करके जिला बना दिया था। जिसमें हसनपुर, अमरोहा और गंगेश्वरी विधानसभा थीं। वर्ष 2012 में मंडी धनौरा नई विधानसभा बनी और गंगेश्वरी को खत्म कर दिया। उसके बाद जिले में कांग्रेस का विधायक नहीं बन सका। हालांकि, अब कांग्रेस अपनी खोई जमीन को तलाश करने में लगी है। जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह कटारिया कहते हैं कि इस चुनाव में पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी। क्योंकि इस चुनाव में यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने सात प्रतिज्ञाएं की है।
