बरेली: सपा में गैरों पर करम अपनों पर सितम…
बरेली, अमृत विचार। फिल्म ‘आंखें’ में स्वर कोकिला लता मंगेशकर द्वारा गाये गाने गैरों पर करम अपनों पर सितम…की पंक्तियां बरेली में समाजवादी पार्टी के टिकट वितरण की स्थिति पर फिट बैठ रही हैं। कई सालों से पार्टी की नीतियों में रचे बसे और काम करते आ रहे कार्यकर्ताओं को पार्टी जिताऊ नहीं मान रही …
बरेली, अमृत विचार। फिल्म ‘आंखें’ में स्वर कोकिला लता मंगेशकर द्वारा गाये गाने गैरों पर करम अपनों पर सितम…की पंक्तियां बरेली में समाजवादी पार्टी के टिकट वितरण की स्थिति पर फिट बैठ रही हैं। कई सालों से पार्टी की नीतियों में रचे बसे और काम करते आ रहे कार्यकर्ताओं को पार्टी जिताऊ नहीं मान रही है। इससे कार्यकर्ताओं की मेहनत और आत्मविश्वास भी डगमगाने लगा है। पार्टी में दो दिन पहले आए प्रत्याशी पर विश्वास करके वर्षों से पार्टी से जुड़कर संघर्ष करने वालों को दरकिनार करने से निराशा हुई है।
हालत यह है कि पार्टी ने इस बार पांच ऐसे प्रत्याशियों को टिकट दिया है, जो पिछला चुनाव समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों के खिलाफ लड़े और पार्टी प्रत्याशी की जीत में बाधक बने थे। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो उस समय जितने लोग बसपा से चुनाव लड़कर खुद भी नहीं जीते और सपा प्रत्याशियों को भी जीतने नहीं दिया। अब 2022 के चुनाव में वे सपा प्रत्याशी बनाए गए हैं। कार्यकर्ताओं को यही बात नागवार गुजर रही है। पार्टी ने नवाबगंज, भोजीपुरा, बहेड़ी और बरेली शहर के लिए जो प्रत्याशी बनाए हैं, वे ही सपा में वर्षों से जुड़े रहे हैं।
शेष पिछला चुनाव दूसरी पार्टियों से लड़कर हारे और अब सपा कार्यकर्ताओं के हक को मारकर फिर से पार्टी प्रत्याशी बना दिए गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इस बार पूरी तरह प्रोफेशनल राजनीति कर रहे हैं। इस बार सरकार बनाने के लिए वे कोई कम्प्रोमाइज करने को तैयार नहीं नजर आ रहे हैं और इसलिए उन्होंने कहा भी है कि जो जीतेगा वह सपा का होगा। हालांकि कार्यकर्ता कह रहे हैं कि पार्टी की इस नीति से दूरगामी परिणाम तो होंगे ही, साथ ही रिजल्ट पर भी असर पड़ सकता है। कई सपा कार्यकर्ता पार्टी छोड़ देंगे। कुछ ऐसे होंगे, जो बागी होकर पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ ही चुनाव लड़ेंगे।
फरीदपुर में पूर्व विधायक डा. सियाराम सागर के पुत्र विशाल सागर ने तो पार्टी छोड़ ही दी। कल्पना सागर जो पार्टी से टिकट की दावेदार थीं, उन्होंने भी कांग्रेस ज्वाइन करके चुनाव लड़ने का मन बनाया है। बहेड़ी से नसीम अहमद भी पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ ताल ठोंकने को तैयार हैं। जो सामने नहीं आए हैं वे कितने ईमानदारी से चुनाव लड़ाएंगे। इसका भरोसा चुनाव परिणाम बताएगा।
