हल्द्वानी: तीसरी लहर में उत्तराखंड में 100 से ज्यादा मौतें हुईं

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना की तीसरी लहर में मरने वालों की संख्या 100 से ज्यादा हो गई है। देहरादून जिले में तीसरी लहर से सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। नैनीताल जिले में इस माह अभी तक दस लोगों ने कोरोना से दम तोड़ा है। हालांकि अब संक्रमण पिछले दिनों की अपेक्षा कुछ कमी आई है। …

हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना की तीसरी लहर में मरने वालों की संख्या 100 से ज्यादा हो गई है। देहरादून जिले में तीसरी लहर से सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। नैनीताल जिले में इस माह अभी तक दस लोगों ने कोरोना से दम तोड़ा है। हालांकि अब संक्रमण पिछले दिनों की अपेक्षा कुछ कमी आई है।

कोरोना की तीसरी लहर भी जानलेवा साबित हुई है। उत्तराखंड में तीसरी लहर से मरने वालों की संख्या 104 हो गई है। यह आंकड़ा 28 दिन में पूरा हुआ है। सबसे ज्यादा मौतें देहरादून में हुई हैं। दूसरे नंबर पर हरिद्वार में कोरोना से 11 लोगों ने तो नैनीताल जिले में कोरोना से 10 लोगों की मौत हुई है। मरीजों की बात करें तो उत्तराखंड में कोरोना के तीसरी लहर में 70427 मरीज मिले हैं।

यहां इस बार मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत कम आई है। ज्यादातर मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है। इसके अलावा शुक्रवार को अल्मोड़ा में 170 बागेश्वर में 87 चमोली में 67 चंपावत में 74 तथा देहरादून में 978 मरीज कोरोनावायरस जबकि हरिद्वार में 422 नैनीताल में 257 पौड़ी गढ़वाल में 203 पिथौरागढ़ में 96 रुद्रप्रयाग में 113 टिहरी गढ़वाल में 49 उधम सिंह नगर में 194 तथा उत्तरकाशी में 103 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है इस तरह आज 2813 नए मरीज मिले।

जबकि देहरादून एम्स ऋषिकेश देहरादून में एक श्री महंत इंद्रेश हॉस्पिटल में तीन सुभारती हॉस्पिटल देहरादून में 1 तथा नैनीताल के बीसी जोशी हॉस्पिटल में दो लोगों की मौत इस संक्रमण के चलते हुई है। शुक्रवार को कारोना संक्रमण से दम तोड़ने वालों की संख्या सात हो गई है।

दूसरी लहर की अपेक्षा बहुत राहत
हल्द्वानी। कोरोना की दूसरी लहर की अपेक्षा तीसरी लहर में कम मौतें हुई थीं। जबकि पहले अनुमान जताया जा रहा था कि तीसरी लहर में कोरोना से मरने वालों की संख्या अधिक रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना टीकाकरण की वजह से यह हुआ है। दूसरी लहर के शुरूआती एक माह में कोरोना से उत्तराखंड में 905 मरीजों ने दम तोड़ा था। नैनीताल जिले में ही 153 मरीजों की तीसरी लहर में मौत हो गई है। हालांकि मरीजों के मामले में तीसरी लहर में कोई कमी नहीं आई है। पहली लहर में शुरूआती 30 दिनों में कोरोना के पूरे राज्य में 80390 मरीज मिले थे। जबकि इस बार 28 दिनेां में ही 70427 मरीज सामने आ चुके हैं।

नैनीताल में कोरोना की रफ्तार धीमी
नैनीताल। नैनीताल में बीते दिनों के मुकाबले अब कोरोना की रफ्तार धीमी हुई है जो कि राहत देने वाली है। लेकिन अब भी शहर में कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमित व्यक्ति को होम आइसोलेट कर दिया गया है। बता दें कि बीते दिनों से नगर में लगातार 50 से अधिक मामले सामने आ रहे थे और कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा था।

जिससे शहरवासियों में भय का माहौल बना हुआ था, वहीं बीते दिनों के मुकाबले शुक्रवार को आई रिपोर्ट से स्वास्थ्य विभाग समेत शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। स्वास्थ्य विभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक एक व्यक्ति आरटीपीसीआर जांच में पॉजिटिव पाया गया है। बीडी पांडे अस्पताल के पीएमएस डॉ. केएस धामी ने बताया कि शुक्रवार को आई रिपोर्ट राहत देने वाली जरूर है लेकिन अब भी कोरोना का खतरा टला नही है अब भी इससे सतर्क रहने की आवश्यकता है। बताया कि संक्रमित व्यक्ति को होम आइसोलेट कर दिया गया है। इसके संपर्क में आए लोगों की भी जांच की जा रहीं है।

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