बरेली: अधिकारियों के खिलाफ शिक्षक लामबंद

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बरेली, अमृत विचार। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में रविवार को गांधी उद्यान परिसर में शिक्षकों की समस्या को लेकर बैठक की गई। बैठक में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों को शिक्षण के अलावा अन्य कार्यों में भी लगाया जा रहा है। इससे शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। …

बरेली, अमृत विचार। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में रविवार को गांधी उद्यान परिसर में शिक्षकों की समस्या को लेकर बैठक की गई। बैठक में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों को शिक्षण के अलावा अन्य कार्यों में भी लगाया जा रहा है। इससे शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। विभागीय शिक्षकों को अन्य कार्यों में लगाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि विभागीय अधिकारियों के शिक्षकों पर बेवजह वेतन संबंधी कार्रवाई कराना अनुचित है। यदि समय रहते विभाग ने इस पर अमल नहीं किया तो शिक्षक कोर्ट जाएंगे।

जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि शासन स्तर से 6 फरवरी 2022 तक प्रदेश की सभी शिक्षण संस्थाएं पूर्ण रूप से बंद की गई हैं। इस आदेश में शिक्षकों को भौतिक रूप से विद्यालयों में उपस्थित रहने की बात नहीं लिखी गई। बल्कि ऑनलाइन शिक्षण की बात कही गई है। इसके विपरीत 28 जनवरी को बीएसए के आदेश पर खंड शिक्षा अधिकारियों ने औचक निरीक्षण कराया जिसमें जिले के 183 शिक्षकों को अनुपस्थित दिखाकर बिना कारण बताए वेतन काटने के निर्देश दिए।

बताया कि कोरोना के चलते स्कूल महानिदेशक के आदेश के क्रम में मोहल्ला क्लास एवं ई पाठशाला चलाने का शिक्षकों को आदेश है तो मुख्य सचिव के आदेश में उक्त प्रोटोकॉल के अंतर्गत 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य है लेकिन बीएसए की ओर से कोई स्पष्ट आदेश निर्गत नहीं किया गया था कि जिसमें शिक्षकों को कितने समय से कितने समय तक विद्यालय में उपस्थित रहना है। असमंजस के चलते कुछ शिक्षकों के विद्यालय देरी से जाने पर उनको अनुपस्थित दिखाकर वेतन रोक दिया। इस संबंध में बीएसए से वार्ता के बाद भी शिक्षकों पर कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो वह कोर्ट जाएंगे। जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र पाल सिंह ने बताया कि इस वक्त शिक्षकों को वैक्सीनेशन पूर्ण कराने में ड्यूटी लगा दी गई है जिसमें शिक्षकों को प्रतिदिन 200 से 250 लोगों को फोन कर वैक्सीनेशन के लिए जागरूक करना होता है।

कई जगह शिकायत आई है कि उक्त नंबरों पर बात करने पर शिक्षकों को एफआईआर की धमकी अथवा गाली-गलौज की गई। महिला प्रचार मंत्री शुमाएला खान ने बताया कि महिला शिक्षिकाओं के फोन करने पर उनके पास नए-नए नंबरों से फोन आते हैं। शिक्षिका प्रीति सिंह ने बताया कि कॉल करने के साथ-साथ ऑनलाइन एक्सल शीट पर भी शिक्षकों से फीडिंग कराई जा रही है जिसका शिक्षकों को इस कार्य से कोई लेना देना नहीं है। जिला महामंत्री हरीश बाबू ने बताया कि अधिकारी लिखित आदेश न निकालकर केवल व्हाट्सएप पर ही आदेशित करते हैं। विभिन्न ब्लाकों के कई स्कूलों में रविवार को शिक्षकों की टीकाकरण में ड्यूटी लगा दी गई जिसका कोई प्रतिकर अवकाश भी नहीं दिया जाता।

बैठक में जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राज पाल्याल राज, उपाध्यक्ष विनोद कुमार, रवि कुमार, देवराज भारती, महिला उपाध्यक्ष अनु सिंह, अरविंद गुर्जर, विनोद कुमार, योगेंद्र गंगवार, पवन कुमार, वीरेंद्र सिंह वीरू, जसवीर, धर्मेंद्र कुमार, सोहन पाल सिंह, गिरिजेश कुमार, फहेद अनवर, विवेक कुमार आदि उपस्थित रहे।

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