साइबराबाद मुठभेड़ मामला: सिरपुरकर आयोग ने पेश की अपनी रिपोर्ट
हैदराबाद। तेलंगा चिकित्सक के सामूहिक दुष्कर्म और हत्या में शामिल चार लोगों की कथित मुठभेड़ में मारे जाने की परिस्थितियों में जांच के लिए गठित न्यायमूर्ति सिरपुरकर जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट 28 जनवरी को उच्चतम न्यायालय के सामने प्रस्तुत कर दी है। पुलिस ने सोमवार को यहां एक बयान में कहा कि उच्चतम न्यायालय …
हैदराबाद। तेलंगा चिकित्सक के सामूहिक दुष्कर्म और हत्या में शामिल चार लोगों की कथित मुठभेड़ में मारे जाने की परिस्थितियों में जांच के लिए गठित न्यायमूर्ति सिरपुरकर जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट 28 जनवरी को उच्चतम न्यायालय के सामने प्रस्तुत कर दी है।
पुलिस ने सोमवार को यहां एक बयान में कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 12 जनवरी 2019 को मोहम्मद आरिफ, चिंताकुंटा चेन्नाकेशवुलु, जोलू शिवा और जोइलु नवीन नामक चार व्यक्तियों के छह दिसंबर, 2019 को पुलिस हिरासत के दौरान मुठभेड़ में मारे जाने की परिस्थितियों की जांच के लिए आयोग का गठन किया था।
आयोग की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वीएस सिरपुरकर को सौंपी गयी और बॉम्बे उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश सुश्री आरपी सोंदुरबलदोता और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के पूर्व निदेशक डीआर कार्तिकेयन आयोग के सदस्य हैं। जांच आयोग ने जांच रिकॉर्ड, फारेंसिक रिकॉर्ड, पोस्टमॉर्टम रिकॉर्ड, घटना की तस्वीरों और वीडियो समेत कई दस्तावेजी रिकॉर्ड इकट्ठा किये।
बयान में कहा गया है कि जांच आयोग ने 21 अगस्त, 2021 और 15 नवंबर, 2021 के बीच 47 दिनों तक सुनवाई की। जांच आयोग ने इस दौरान 57 गवाहों से पूछताछ की और उनके साक्ष्य दर्ज किये। सुनवाई कोरोना प्रतिबंधों का पालन करते हुए सार्वजनिक रूप से आयोजित की गई थी।
तेलंगाना राज्य के अधिवक्ताओं, घटना में शामिल पुलिस अधिकारियों और अन्य इच्छुक पक्षों ने सुनवाई में भाग लिया। जांच आयोग ने 16 नवंबर, 2021 से 26 नवंबर, 2021 तक सभी अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं और घटना से जुड़े विभिन्न स्थानों का निरीक्षण भी किया। बयान में कहा गया है कि जांच पूरी करने के बाद जांच आयोग ने 28 जनवरी को उच्चतम न्यायालय के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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