गरमपानी: उपेक्षा से चढ़ा पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों का पारा

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गरमपानी, अमृत विचार। ग्रामीण विकास के लिए तमाम योजनाएं बनती हैं पर पहाड़ चढ़ते-चढ़ते योजनाओं का दम फूल जाता है। पंचायतों को हाईटेक बनाने के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में वाईफाई सिस्टम स्थापित करने की योजना पहाड़ में हांफने लगी है। तीन वर्ष पहले पंचायत घरों में लगे वाईफाई सिस्टम आज तक शुरू ही नही …

गरमपानी, अमृत विचार। ग्रामीण विकास के लिए तमाम योजनाएं बनती हैं पर पहाड़ चढ़ते-चढ़ते योजनाओं का दम फूल जाता है। पंचायतों को हाईटेक बनाने के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में वाईफाई सिस्टम स्थापित करने की योजना पहाड़ में हांफने लगी है। तीन वर्ष पहले पंचायत घरों में लगे वाईफाई सिस्टम आज तक शुरू ही नही हो सके हैं। हवा-हवाई योजना की बदहाली से ग्रामीणों का पारा चढ़ गया है। ग्रामीणों ने तत्काल योजना का लाभ देने की मांग उठाई है।

वाईफाई सिस्टम के जरिए ग्राम पंचायतों को हाईटेक बनाने की योजना गांवों में बदहाल है। करीब तीन वर्ष पूर्व 2018 में पंचायत घरों को वाईफाई सिस्टम से जोड़ने की कवायद शुरू की। मकसद था कि पंचायत घरों में बैठकर प्रधान व पंचायत से जुडे़ अधिकारी विकास कार्यो को गति दे सकें। ऑनलाइन योजनाओं का क्रियान्वयन हो सके। साथ ही वाईफाई सिस्टम होने से सरकारी योजनाओं की प्रगति भी उच्चाधिकारियों को भेजी जा सके लेकिन हालत यह है कि तीन वर्ष बाद भी योजना परवान नहीं चढ़ सकी।

रामगढ़ ब्लॉक के सुयालबाड़ी, गंगरकोट, प्यूड़ा, दियारी आदि गांव के पंचायत घरों में लगे वाईफाई सिस्टम अब तक शुरू ही नहीं हो सके। इससे पंचायत प्रतिनिधियों व कर्मचारियों के तमाम दिक्कतें उठानी पड़ती हैं।पंचायत प्रतिनिधियों ने योजना शुरू न होने पर विभागीय मंशा पर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्राम प्रधान सुयालबाड़ी हंसा सुयाल के अनुसार दायित्व संभालने के बाद से अब तक पंचायत घर में लगा वाईफाई सिस्टम का उपयोग नहीं हो सका है।

अन्य ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने जल्द वाईफाई सिस्टम अपडेट किए जाने की मांग उठाई है। स्थानीय मदन मोहन सुयाल, कुबेर सिंह जीना, भीम सिंह बिष्ट, वीरेंद्र सिंह, भरत सिंह, मनीष कर्नाटक आदि ने तत्काल व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई है। दो टूक चेताया है कि यदि उपेक्षा की गई तो फिर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

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