बाजपुर: चीनी मिल सुचारू रूप से संचालित न होने पर किसानों का हंगामा
बाजपुर, अमृत विचार। सहकारी चीनी मिल की मशीनरी में आए दिन कोई न कोई खराबी आने एवं बैगास इत्यादि की कमी के चलते प्लांट का संचालन सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा है। पिछले कई दिनों से बंद पड़े प्लांट बगास की वजह से नहीं चल पाने से आक्रोशित किसानों ने मिल प्रशासन पर …
बाजपुर, अमृत विचार। सहकारी चीनी मिल की मशीनरी में आए दिन कोई न कोई खराबी आने एवं बैगास इत्यादि की कमी के चलते प्लांट का संचालन सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा है। पिछले कई दिनों से बंद पड़े प्लांट बगास की वजह से नहीं चल पाने से आक्रोशित किसानों ने मिल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा गन्ना केन यार्ड में हंगामा काटा। बाद में जल्द बगास की व्यवस्था कर प्लांट पूर्ण रूप से संचालित करने के आश्वासन पर ही किसान शांत हुए।
बुधवार की सुबह काफी संख्या में किसान भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा के नेतृत्व में मिल के केन यार्ड परिसर में एकत्र हुए और पिछले कई दिनों से बंद प्लांट का बुधवार को भी संचालन शुरू नहीं हो पाने की जानकारी मिलते ही भड़क गए। उन्होंने मिल के जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
उनका कहना था कि किसान पिछले कई दिनों से अपने वाहनों में गन्ना लेकर मिल के गेट पर खड़ा है, लेकिन मिल के अधिकारी इतने लंबे अंतराल के बावजूद प्लांट को शुरू करवाने के लिए बगास की व्यवस्था नहीं कर रहे हैं। पिछले दो दिन पहले गीली बगास खरीद पहले से ही घाटे में चल रहे इस प्लांट को और नुकसान पहुंचाने का काम किया जा रहा है। किसानों का आरोप था कि हर साल मशीनरी की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन फिर भी प्लांट सही से नहीं चल पाता है।
इसी बीच जानकारी के बाद एसडीएम आरसी तिवारी भी मिल में पहुंच गए और किसी तरह किसानों को समझा-बुझाकर शांत किया। बताया गया कि मिल अधिकारियों ने जल्द ही प्लांट का संचालन शुरू करने का भरोसा दिलाया है। इस मौके पर भाकियू नेता दलजीत सिंह रंधावा, हरदेव सिंह, बल्देव सिंह, विक्की रंधावा, जगमोहन सिंह आदि मौजूद थे।
दो करोड़ खर्चने के बाद भी सही नहीं हुई मिल
बाजपुर। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा ने बताया कि सहकारी चीनी मिल की हर वर्ष मरम्मत होती है। मिल प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष मरम्मत में करीब दो करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। उनका कहना था कि 21 नवंबर 2021 को मिल के नवीन पेराई सत्र की शुरुआत हुई, जबकि इससे पहले करीब नौ माह मिल बंद रही और इस बीच दो करोड़ रुपये केवल उसके मरम्मत में खर्च कर दिए गए, फिर भी कारखाना सही से काम नहीं कर पा रहा है। उन्होंने मरम्मत में खर्च हुई धनराशि में भी गड़बड़ी की आशंका जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
