हल्द्वानी: कागजों में वार्डों की सफाई कर रहा नगर निगम, फूटा मोरारजी नगर की महिलाओं का गुस्सा
हल्द्वानी, अमृत विचार। स्वच्छ भारत मिशन की दुहाई देने वाला नगर निगम प्रशासन सिर्फ कागजों में शहर की सफाई दुरुस्त कर रहा है। शहर के 60 वार्डों में से अधिकांश में जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेर और नालियों में बजबजाती गंदगी अब लोगों को परेशान करने लगी है। शहर के मोरारजी नगर क्षेत्र में भी …
हल्द्वानी, अमृत विचार। स्वच्छ भारत मिशन की दुहाई देने वाला नगर निगम प्रशासन सिर्फ कागजों में शहर की सफाई दुरुस्त कर रहा है। शहर के 60 वार्डों में से अधिकांश में जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेर और नालियों में बजबजाती गंदगी अब लोगों को परेशान करने लगी है। शहर के मोरारजी नगर क्षेत्र में भी नालियों की गंदगी सड़क पर फैलने से जीना मुहाल हो गया है। जिसके चलते बीमारियों और संक्रमण का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों की मानें तो नगर निगम का सफाई कर्मचारी सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी करता है जिसके चलते नालियों में गंदगी पसरी रहती है।

आज नाराज महिलाओं ने खुद ही गंदगी को साफ करने का बीड़ा उठा लिया। महिलाओं का कहना था कि जब साफ-सफाई की कोई व्यवस्था ही नहीं तो नगर निगम में शामिल होने का क्या फायदा। आपको बता दें कि नगर निगम हल्द्वानी में 273 सफाई कर्मचारियों के अलावा 34 संविदा और 235 स्वच्छता समिति से जुड़े कर्मचारी हैं, बावजूद इसके विभिन्न वार्डों में बिखरी गंदगी की तस्वीरें नगर निगम के अधिकारियों के मुंह में तमाचे से कम नहीं हैं।
हल्द्वानी नगर निगम के पुराने क्षेत्र में वार्डों की संख्या 33 थी। 2018 में परिसीमन कर कालाढूंगी व लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों को भी शहर में शामिल कर निगम का विस्तार कर दिया गया। यानी कुल वार्डों की संख्या 60 पहुंच गई। तब दावा किया गया था कि 27 नए वार्डों में हर वार्ड को पांच-पांच सफाई कर्मचारी दिए जाएंगे। इसके अलावा गाडियों से घर-घर कचरा उठाया जाएगा, मगर चार साल बाद भी कुछ नहीं बदला।
