हल्द्वानी: लोन दिलाकर जालसाज ने उड़ा लिए 3 लाख 78 हजार, आईसीआईसीआई बैंक के एप से की गई धोखाधड़ी

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, हल्द्वानी। एक जालसाज ने एक व्यक्ति को ऑनलाइन लोन दिलाकर उसके खाते से 3 लाख 78 हजार रुपये उड़ा लिए। इसकी भनक पीड़ित को तब लगी, जब उसे लाखों का चूना लग गया। जब बैंक से इसकी शिकायत की तो बैंक अधिकारी हाथ खड़े कर दिए। बहरहाल, रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस के साइबर …

अमृत विचार, हल्द्वानी। एक जालसाज ने एक व्यक्ति को ऑनलाइन लोन दिलाकर उसके खाते से 3 लाख 78 हजार रुपये उड़ा लिए। इसकी भनक पीड़ित को तब लगी, जब उसे लाखों का चूना लग गया। जब बैंक से इसकी शिकायत की तो बैंक अधिकारी हाथ खड़े कर दिए। बहरहाल, रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस के साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है।

जागृति विहार कालोनी छड़ायल नायक गैस गोदाम रोड निवासी कमल पांडे रुद्रपुर स्थित सिडकुल की एक कंपनी में काम करते हैं। कमल ने बताया कि बीती जनवरी में उन्होंने अपने क्रेडिट कार्ड के संबंध में आईसीआईसीआई बैंक के कस्टमर केयर से बात की थी। इसके बाद 8 जनवरी को उनके पास सुनील कुमार नाम के एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को बैंक कस्टमर केयर बताकर कहा कि गलती से उनके खाते में 3 लाख 78 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए हैं। कमल ने जब अपना बैलेंस चेक किया, तो वाकई पैसे उनके खाते में आ गए थे। कमल जालसाज के झांसे में आ गए। जालसाज ने उन्हें आईसीआईसीआई बैंक के आई मोबाइल ऐप से पैसे उसके खाते में रुपये वापस डालने को कहा।

कमल ने दो बार में ये रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। उसी रोज शाम को अचानक कमल के क्रेडिट कार्ड से 5053 रुपये कट गए। जब उन्होंने इसकी जानकारी के लिए बैंक फोन किया तो उन्हें ठगे जाने का एहसास हुआ। बैंक से उन्हें बताया गया कि उन्होंने पर्सनल लोन लिया है, जिसकी किश्त काटी गई है। जब कमल ने लोन न लेने की शिकायत की तो बैंक ने हाथ खड़े कर दिए। कहा कि लोन आपके खाते पर लिया गया है और भुगतान भी आपको करना होगा। इसके बाद कमल ने पुलिस की मदद ली। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल ने पड़ताल शुरू कर दी है।

गाइड लाइन की खुद अवहेलना कर रहे बैंक
कमल का कहना है कि आरबीआई की गाइड लाइन है कि खाते से संबंधित किसी तरह की जानकारी किसी से साझा नहीं करनी है। उन्होंने बताया कि उनका एक खाता एसबीआई में भी है और जब वह खाते से संबंधित जानकारी चाहते हैं तो उनसे खाता नंबर के आखिरी चार अंक पूछे जाते हैं। जबकि आईसीआईसीआई बैंक का कस्टमर केयर खाता नंबर के साथ सीवीवी कोड व अन्य सभी कोड पूछता है और ये आरबीआई के गाइड लाइन की अवहेलना है।

स्टेट बैंक ऑफ मॉरीशस के खाते में डलवाई रकम
 पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि जालसाज ने कमल को अपना गलत नाम बताया और कमल से दो बार में पैसे स्टेट बैंक ऑफ मॉरीशस की मुम्बई स्थित ब्रांच में पैसा डलवाया। इसके बाद उसे पेटीएम एकाउंट में ट्रांसफर किया। कमल का कहना है कि पहले तो उन्होंने लोन के लिए आवेदन नहीं किया और जब किसी ने उनके नाम से लोन का आवेदन किया तो बैंक की ओर से उन्हें कोई कॉल कर जानकारी भी नहीं दी गई।

बैंक मैनेजर बोले, आपका सिविल बहुत अच्छा था
कमल का रुद्रपुर स्थित आईसीआईसीआई बैंक में खाता है। जालसाजी के संबंध में जब उन्होंने बैंक मैनेजर से पूछताछ की तो बैंक मैनेजर ने कमल से कहा कि आपका सिविल बहुत अच्छा था, इसीलिए बैंक ने आपके आई मोबाइल ऐप पर लोन की जानकारी दी। हालांकि मौखिक रूप से कमल को कुछ नहीं बताया गया और अनुमान है कि जालसाज ने कमल का मोबाइल हैक कर आई मोबाइल ऐप से लोन अप्लाई किया और फिर सारी रकम हड़प ली।

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