बाजपुर: चीनी मिल की बचाने के लिए आंदोलन की राह पकड़ेंगे किसान
बाजपुर, अमृत विचार। सहकारी चीनी मिल की विभिन्न समस्याओं को लेकर किसान लामबंद होने लगे हैं। इस संबंध में हुई किसानों की बैठक मेआगामी 27 फरवरी को कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में पंचायत करके समस्याओं के निराकरण के लिए आंदोलन की रणनीति बनाने का निर्णय लिया है। साथ ही क्षेत्र के किसानों से इस पंचायत …
बाजपुर, अमृत विचार। सहकारी चीनी मिल की विभिन्न समस्याओं को लेकर किसान लामबंद होने लगे हैं। इस संबंध में हुई किसानों की बैठक मेआगामी 27 फरवरी को कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में पंचायत करके समस्याओं के निराकरण के लिए आंदोलन की रणनीति बनाने का निर्णय लिया है।
साथ ही क्षेत्र के किसानों से इस पंचायत में बड़ी संख्या में हिस्सा लेने का आह्वान किया गया है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा के अवास पर रामराज रोड स्थित आवास पर कुछ किसानों की बैठक हुई जिसमें कहा गया कि सरकार व मिल प्रबंधन वर्ग की गलत नीतियों एवं देखभाल के अभाव में आज यह कारखाना बदहाल स्थिति में पहुंच गया है, यदि अभी भी इसके सुधारीकरण के लिए कदम नहीं उठाए गए तो एक-दो साल में मिल पूरी तरह से बंद हो जाएगी जिसका खामियाजा जहां क्षेत्र के किसानों को उठाना पड़ेगा वहीं बाजपुर के बाजार पर भी उसका असर पड़ेगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि बाजपुर कोआपरेटिव शुगर फैक्ट्री को बचाने के लिए अब किसानों को ही आगे आना होगा। यह भी तय किया गया कि मिल की विभिन्न समस्याओं के निदान के लिए 27 फरवरी (कल) को सुबह करीब 11 बजे कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में स्थापित किसान भवन में पंचायत होगी और इसमें आंदोलन की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
इस मौके पर दलजीत सिंह रंधावा, प्रताप सिंह संधू, सुलक्खन सिंह, अजीत सिंह चौधरी, राजपाल सिंह, बल्देव सिंह नामधारी, काका नामधारी, जोराबर सिंह भुल्लर, विक्की रंधावा, उपकार सिंह, बिजेंद्र सिंह डोगरा, जसवीर सिंह भुल्लर, गुरचरन पड्डा, उपकार सिंह नरवाल, इंद्रप्रीत बरार आदि मौजूद थे।
