लखीमपुर-खीरी: करोड़ों के खाद्यान्न घोटाले में फंसे जिला सहकारी बैंक शाखा तिकुनियां के प्रबंधक
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। तिकुनियां की जिला सहकारी बैंक शाखा में भूमिहीनों का फर्जी खाता खोलकर गेहूं खरीद दर्शाकर करोड़ों रुपये निकालने जाने का जिन्न एक बार फिर बाहर निकल आया है। कोतवाली तिकुनियां पुलिस ने पीड़ित महिला के पति की तहरीर पर जिला सहकारी बैंक शाखा तिकुनियां के प्रबंधक, हैंडलिंग ठेकेदार व 12 अन्य लोगों के …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। तिकुनियां की जिला सहकारी बैंक शाखा में भूमिहीनों का फर्जी खाता खोलकर गेहूं खरीद दर्शाकर करोड़ों रुपये निकालने जाने का जिन्न एक बार फिर बाहर निकल आया है। कोतवाली तिकुनियां पुलिस ने पीड़ित महिला के पति की तहरीर पर जिला सहकारी बैंक शाखा तिकुनियां के प्रबंधक, हैंडलिंग ठेकेदार व 12 अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में एक मुकदमा थाना निघासन में पहले भी दर्ज हो चुका है।
थाना निघासन के गांव गौरिया निवासी कृष्ण कुमार पुत्र पुत्र गेंदनलाल धारा ने बताया कि वह भूमिहीन है और मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है। जालसाजों ने उसकी पत्नी मोहिनी के नाम से फर्जी खाता जिला सहकारी बैंक शाखा तिकुनियां में खोल लिया और उसमें 15,23,374.34 रुपये गेहूं खरीद का ट्रांसर्फर कर निकाल लिए, जबकि उसके साथ ही गांव के तमाम लोगों के बैंक खाते थाना निघासन के ढखेरवा में खुले हैं।
इस बात की जानकारी उन्हें तब हुई जब पत्नी मोहिनी, गांव की सुनीता देवी पत्नी सियाराम, सावित्री देवी पत्नी शम्भू, मुनेश कुमार पुत्र बांके लाल, विनीता पत्नी राम बचन, अंजनी पत्नी निरंजन, झाऊ लाल पुत्र रघुवर, प्रीती पत्नी सुनील जायसवाल, रेशमा पत्नी याकीन अली, सुधा देवी पत्नी तीरथ कुमार, विमला पत्नी प्रताप नारायन, किरन देवी पत्नी अनिल कुमार, सुनील जायसवाल पुत्र झाऊ लाल, तीरथ पुत्र राम गुलाम, रुबी पुत्री सियाराम, रामकली पत्नी राम जीवन आदि लोग चार नवंबर 2021 को राशन लेने सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर गये। तब कोटेदार ने बताया कि तुम लोगों के राशन कार्ड निरस्त हो गये हैं। क्योकि तुम लोगों ने सरकार को लाखों रुपये का गेहू व धान बेचा है।
जानकारी करने पर उसे पता चला कि पत्नी व अन्य लोगों के फर्जी खाते जिला सहकारी बैंक शाखा तिकुनियां में बैंक कर्मचारियों, गेहूं व धान के सरकारी ठेके लेने वाले ठेकेदारों आदि लोगों ने उसकी पत्नी व गांव के अन्य लोगों के आधार कार्ड व फर्जी फोटो हस्ताक्षर लगाकर बैंक में खाता खोलकर चेक बुक जारी करायी। खातों में फर्जी मोबाइल नम्बर अंकित किये। उन्होंने बताया कि पत्नी मोहिनी व अन्य लोग जिला सहकारी बैंक शाखा तिकुनियां गए, जहां बैंक कर्मचारियों ने उन्हें कोई कोई जानकारी नहीं दी और बैंक से भगा दिया।
खाद्यान्न माफिया तथा बैंक कर्मचारियों का गठजोड़ बहुत मजबूत है। आरोप है कि पत्नी मोहिनी व अन्य पीडि़त लोगों ने अपने कागज गांव के कोटेदार के अलावा कभी किसी को नहीं दिये। ढखेरवा बैंक में अपने कागज दिये हैं। जिला सहकारी बैंक तिकुनियां के कर्मचारियों, खाद्यान्न माफिया व हैण्डलिंग ठेकेदारों ने कही से कागज की व्यवस्था करके फर्जी खाते खुलवाकर धोखाधड़ी की है। तथा सरकारी धन का गबन किया है। यदि राशन कार्ड निरस्त न होते तो कभी भी इस धोखाधड़ी की जानकारी न होती।
उन्होंने बताया कि यह धोखाधड़ी व फर्जीवाड़ा लगभग तीन वर्षो से किया जा रहा था। कई लोग भूमिहीन हैं। उनको गेहू व धान विक्रेता किसान दिखाकर करोड़ो रुपयो का गबन किया गया है। पत्नी मोहिनी व अन्य पीड़ितों ने कभी सरकार को न तो गेहूं- धान बेचा और न ही इसका रुपया प्राप्त किया। न ही जिला सहकारी बैंक तिकुनियां गए।
इन फर्जी खातों से भी निकाले गए लाखों रुपये
जिला सहकारी बैंक शाखा में गांव की ही विनीता के नाम से खुले फर्जी खाते से 6,91,458 रुपये निकाले गए हैं। विमला के नाम से खुले खाते से 11,14,710.80 रुपये, मुनेश कुमार के नाम से खुले फर्जी खाते से 5,28,308 रुपये निकाले गए। सावित्री पत्नी शम्भू के फर्जी खाते में 6,71,070 रुपये और विनीता पत्नी राम बचन के खाते से 6,91,689, अंजनी पत्नी निरंजन के खाथे से 4,96,440 रुपये, प्रीति पत्नी सुनील जायसवाल के खाते से 16,67,651 रूपये, याकीन अली पुत्र सुभानअली के खाते से 6,83,804 रुपये, सुनील जायसवालपुत्र झाऊलाल के खाते से 8,65,120, तीरथपुत्र रामगुलाम के खाते से 21,76,737 रुपये, रूबी पुत्री सियाराम के खाते से 9,14,081 रुपये, रामकली पत्नी रामजीवन के नाम से खुले फर्जी खाते से 12,97,077रुपये, निकाले गए हैं।
ढाई महीने पहले अज्ञात के खिलाफ निघासन में दर्ज हुई थी रिपोर्ट
फर्जी ढंग से खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी किए जाने के मामले की एसपी के आदेश पर दिसंबर 2021 में थाना निघासन में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। यह रिपोर्ट थाना निघासन के गांव गौरिया निवासी आमिना पत्नी ईशम, वकीला पत्नी वसीम और साबिरा पत्नी यूनुस की तहरीर पर दर्ज हुई थी। इस मामले में पुलिस ढाई महीने के बाद भी एक कदम आगे जांच नहीं बढ़ा सकी है।
तीनों महिलाओं का आरोप था कि उनके कूटरचित फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर तिकुनियां जिला सहकारी बैंक शाखा में अवैध तरीके से खाते खुलवा लिए। उनके ही नाम से लाखों रुपये धान-गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बिक्री कर रुपये खातों में मंगवा लिए। पुलिस ने संयुक्त तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, और 471 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
इस तरह खुला था करोड़ों का घोटाला
माफियाओं ने फर्जी कागजों के सहारे करीब 250 ग्रामीणों के खाते जिला सहकारी बैंक शाखा तिकुनियां में खुलवाए थे।इन खातों में विभिन्न धान-गेहूं की खरीद दिखाकर लाखों रुपये इन्हीं कूटरचित ढंग से खुलवाए गए खातों में डलवा लिए। बाद में इन रुपयों को एक-दूसरे के खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया गया। यह खुलासा तब हुआ जब जिला पूर्ति अधिकारी ने इन खातेदारों के राशन कार्ड यह कहते हुए निरस्त कर दिे कि खातों में लाखों रुपये आने के कारण वह गरीबी रेखा में नहीं आते हैं।
कई सफेदपोश घोटाले में हैं शामिल
सूत्रों ने बताया कि जिला सहकारी बैंक शाखा तिकुनियां में फर्जी खाता खोलकर धान-गेहूं की खरीद का फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये हड़पने का यह खेल करीब चार वर्षों से चल रहा था। इस पूरे खेल में कई सफेदपोश नेता शामिल हैं। इन नेताअ ों की प्रदेश में भी अच्छी पैठ है। राजनीतिक पकड़कर काफी मजबूत होने और सत्ता में बैठे कई असरदार नेताओं के बीच पकड़ होने के कारण प्रशासन और पुलिस कार्रवाई से बच रही है। सूत्रों ने बताया कि यदि सरकार इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच करा ले तो अरबों रुपये का घोटाला सामने आएगा और इस घोटाले में शामिल नामचीन लोग भी जेल की सलाखों के पीछे होंगे।
कोर्ट के आदेश पर जिला सहकारी बैंक शाखा तिकुनियां के प्रबंध, ठेकेदार और 12 अन्य अज्ञात के खिलाफ सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पूरे प्रकरण की जांच चल रही है, जो भी दोषी होगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- बालेंदु गौतम, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली तिकुनियां
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