अमेठी: आवारा पशुओं से किसानों की खेती को हो रहा नुकसान, सीडीओ के आदेश का भी नहीं हो रहा असर
अमेठी। आवारा पशुओं के कारण किसान खेती के नुकसान को लेकर चिंतित हैं। इसके बाद भी किसानों की चिंता कम होने का नाम नहीं ले रही है। गेहूं की फसल कटने के बाद किसान अपने खेतों में मक्का और बाजरा आदि फसलों की बोने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही आवारा पशुओं को …
अमेठी। आवारा पशुओं के कारण किसान खेती के नुकसान को लेकर चिंतित हैं। इसके बाद भी किसानों की चिंता कम होने का नाम नहीं ले रही है। गेहूं की फसल कटने के बाद किसान अपने खेतों में मक्का और बाजरा आदि फसलों की बोने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही आवारा पशुओं को लेकर भी परेशान है। अभी भी पशु खाली खेतों में घूमते हुए नजर आ रहे हैं। अभी खेत खाली पड़े हुए हैं, इसलिए किसानों का कोई नुकसान नहीं है।
विकास खण्ड गौरीगंज, अमेठी, जामो, बहादुरपुर, शाहगढ, मुसाफिर खाना, संग्रामपुर, भेटुआ, सिंहपुर, शुकुल बाजार, जगदीशपुर, तिलोई क्षेत्र के किसानों को आस थी कि अमेठी जिले की मुख्य विकास अधिकारी अंकुर लाठर के आदेश का पालन होगा और उन्हें इन आवारा पशुओं से निजात मिल जाएगी।
योगी सरकार के ढाई साल बीत जाने के बाद भी आवारा पशु खुलेआम घूमते हुए नजर आ रहे हैं। सरकार ने प्रदेश के हर जनपद के डीएम को निर्देश दिया है कि आवारा पशुओं के लिए गौ आश्रय घर बनाए जाएं। जमीनी स्तर पर देखा जाए तो सरकार का आवारा पशुओं से निजात दिलाने का वादा खोखला ही नजर आ रहा है।
सरकार ने इस योजना पर कई करोड़ रुपये खर्च कर दिए। जनपद में आधा दर्जन से ज्यादा मिनी गौशाला बनाई तो गई लेकिन खानापूर्ति के लिए। फिलहाल अमेठी जिले मे मुख्य विकास अधिकारी अंकुर लाठर के आदेश को जनपद मे अवारा पशुओ को पकडने का आदेश दिखावा साबित हुआ है। वही इस सम्बन्ध मे जब मुख्य विकास अधिकारी अंकुर लाठर से बात करने की कोशिश की गई तो बात नही हो पाई।
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