काशीपुर: एसडीएम कार्यालय में धरने पर बैठे सैकड़ों किसान और ग्रामीण
काशीपुर, अमृत विचार। अवैध खनन और जल दोहन के खिलाफ भाकियू के साथ जल एवं पर्यावरण सुरक्षा समिति के सदस्यों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने समस्या का निस्तारण न होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। ग्राम जुड़का में जल एवं पर्यावरण सुरक्षा समिति पिछले छह दिन से …
काशीपुर, अमृत विचार। अवैध खनन और जल दोहन के खिलाफ भाकियू के साथ जल एवं पर्यावरण सुरक्षा समिति के सदस्यों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने समस्या का निस्तारण न होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी।
ग्राम जुड़का में जल एवं पर्यावरण सुरक्षा समिति पिछले छह दिन से तीन स्टोन क्रशरों के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रही थी।
आरोप है कि उत्तराखंड सरकार के खनन नीति के आदेशों की आड़ में कुंडेश्वरी क्षेत्र के कुछ स्टोन क्रशर अवैध रूप से खनन कर 80 से 100 फीट तक खुदान कर रहे हैं। इन गड्ढों में 8 से 10 इंच तक के दर्जनों पंप सेट लगाकर पानी आसपास की नदियों तथा नहरों में छोड़ रहे हैं। यह पानी पीने योग्य नहीं है। ग्रामीणों को कहना है कि इन क्रशरों के आसपास भूमिगत जल स्तर भी गिर रहा है। नल सूख गये हैं। ग्रामीणों व कृषकों के पालतू पशुओं की गंदे पेयजल की वजह से मौत हो रही है।
बुधवार को भाकियू, जल एवं पर्यावरण सुरक्षा समिति, भीम आर्मी से जुड़े संगठनों के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी बताएं कि कितने फीट गहरे गड्ढे खोदने की अनुमति दी गई है। कहा कि बीते दिनों प्रशासन और खनन विभाग की टीम ने दिखावे मात्र के लिए कार्रवाई की। कहा कि गोविंद नगर में बीस नल सूख गए हैं। प्रशासन चाहे तो मौके पर जाकर जांच करा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह बताएं कि अब तक क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि गड्ढों से जो खनन निकला है उन्हें वापस गड्ढों में डाला जाए। कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती उनका धरना जारी रहेगा। साथ ही मौके पर लंगर भी चलेगा। बता दें कि इन स्टोन क्रेशरों के खिलाफ ग्रामीण बीते एक सप्ताह से आंदोलनरत हैं।
पिछले दिनों एसडीएम अभय प्रताप भी मौके पर जाकर निरीक्षण कर चुके हैं और इस संबंध में जांच के आदेश दे चुके हैं। इस मौके पर भाकियू युवा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह जीतू, चरन जीत सिंह, रेशम सिंह, होशियार सिंह, अजय गौतम, जोरावर सिंह, प्रताप विर्क, टीका सिंह सैनी, बलजिंदर सिंह समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
