अल्मोड़ा: शव को सड़क पर रख ग्रामीणों ने नेशनल हाइवे किया जाम
अल्मोड़ा, अमृत विचार। मंगलवार को कार्बेट नेशनल पार्क के कालागढ़ टाईगर रिजर्व से लगे कूपी गांव में चारा लेने जंगल गई महिला पर तेंदुए के हमले के बाद बुधवार को क्षेत्र के ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ग्रामीण तेंदुए को आदमखोर घोषित कर शीघ्र मारने और पीडि़त परिवार को मुआवजा देने की मांग …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। मंगलवार को कार्बेट नेशनल पार्क के कालागढ़ टाईगर रिजर्व से लगे कूपी गांव में चारा लेने जंगल गई महिला पर तेंदुए के हमले के बाद बुधवार को क्षेत्र के ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ग्रामीण तेंदुए को आदमखोर घोषित कर शीघ्र मारने और पीडि़त परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। लेकिन अधिकारियों के मौके पर ना पहुंचने के कारण उनका गुस्सा और भड़क गया। ग्रामीणों ने हमले की शिकार महिला का शव सड़क पर रखकर नेशनल हाइवे को जाम कर दिया। जिस कारण यात्रियों को काफी फजीहत का सामना करना पड़ा।
मंगलवार को कूपी गांव निवासी गुड्डी देवी (59)पत्नी महेश सिंह मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे घर से नाश्ता करने के बाद पास के ही जंगल में अपने मवेशियों के लिए चारा लेने जंगल चली गई। काफी देर तक गुड्डी देवी वापस नहीं आई तो परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। जंगल में एक जगह पर गुड्डी देवी द्वारा काटी गई घास का ढेर देखा गया। पास में ही खून भी पड़ा हुआ था। महिला के कपड़े और टूटी हुई चूडिय़ों को देख ग्रामीणों ने करीब आधा किमी क्षेत्र में कांबिंग की।
खोजबीन के दौरान करीब आधा किलोमीटर दूर महिला का क्षत विक्षत शव बरामद किया गया। घटना के बाद से ही ग्रामीणों में काफी गुस्सा व्याप्त था और वह मंगलवार की रात ही अधिकारियों से तेंदुए को आदमखोर घोषित करने और पीडि़त परिवार को मुआवजा देने की मांग कर चुके थे। लेकिन बुधवार को वन विभाग के किसी जिम्मेदार अधिकारी के पीडि़त परिवार के पास ना आने और मामले को लापरवाही से लेने पर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया।
ग्रामीण गांव से कुछ दूरी पर स्थित मरचूला बाजार पहुंचे और नेशनल हाइवे 309 पर पुलिस सहायता केंद्र के पास महिला के शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने कहा कि कार्बेट की सीमा से लगे होने के कारण आसपास के गांवों में जंगली जानवरों का हमेशा आतंक बना रहता है। लेकिन ग्रामीणों की कई बार की मांग के बाद भी उनकी सुरक्षा के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का गुस्सा तब और बढ़ गया जब जाम लगने के दो घंटे बीत जाने के बाद भी प्रदर्शन स्थल पर कोई जिम्मेदारी अधिकारी नहीं पहुंचा। एसडीएम समेत वन विभाग के रेंजर और पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास भी किया। लेकिन ग्रामीण नहीं मानें। बाद में प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव, एसडीएम नवनीत पांडे और ब्लॉक प्रमुख विक्रम रावत समेत अनेक लोगों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीण मानें और बमुश्किल जाम खोला जा सका।
प्रदर्शन के दौरान सुरेश बिष्ट, घनानंद शर्मा, देवेंद्र रावत, अमित रावत, शेर सिंह, बबीता देवी आदि मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने मांगा लिखित आश्वासन
अल्मोड़ा : मरचूला में प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण अपनी कुछ मांगों पर अड़े रहे। ग्रामीण तेंदुए को आदमखोर घोषित कर उसे मारने, पीडि़त परिवार के एक सदस्य को नौकरी और मुआवजा दिए जाने और जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग कर रहे थे। काफी देर तक अपनी मांग पर अड़े रहने के बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों से लिखित आश्वासन मांगा। जिसके बाद लिखित सहमति बनी और ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।
गमगीन माहौल में की गई अंत्येष्टि
अल्मोड़ा : मंगलवार को तेंदुए के हमले की शिकार हुई गुड्डी देवी की बुधवार देर शाम स्थानीय घाट पर अंत्येष्टि कर दी गई। अचानक हुए इस हादसे से उनके परिजनों में अब भी कोहराम मचा हुआ है और वह बार बार नियति को कोस रहे हैं।
कूपी क्षेत्र में ही घूम रहा तेंदुआ
अल्मोड़ा : कूपी गांव में महिला को अपना शिकार बनाने के बाद तेंदुआ कूपी गांव के आसपास के जंगलों में ही घूम रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए ने बुधवार को भी कुछ मवेशियों पर हमला कर उन्हें अपना शिकार बनाने का प्रयास किया। फिलहाल तेंदुए के आतंक से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। शाम होते ही लोग अपने घरों में दुबक जा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को शीघ्र पकडऩे की मांग की है।
