हल्द्वानी: इस साल पुन: बनेगी जमरानी बांध परियोजना की डीपीआर
हल्द्वानी, अमृत विचार। तराई एवं भावर क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई की समस्या को खत्म करने के उद्देश्य से स्वीकृत जमरानी बांध परियोजना की डीपीआर इस साल पुन: बनेगी। इसके लिए अधिकारियों ने सर्वे शुरू कर दिया है। 2018 में इसकी डीपीआर 2584 करोड़ रुपये की बनी थी। इस साल बनने वाली डीपीआर में धनराशि …
हल्द्वानी, अमृत विचार। तराई एवं भावर क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई की समस्या को खत्म करने के उद्देश्य से स्वीकृत जमरानी बांध परियोजना की डीपीआर इस साल पुन: बनेगी। इसके लिए अधिकारियों ने सर्वे शुरू कर दिया है। 2018 में इसकी डीपीआर 2584 करोड़ रुपये की बनी थी। इस साल बनने वाली डीपीआर में धनराशि के बढ़ने की पूरी संभावना है।
1975 में जमरानी बांध परियोजना की पहली डीपीआर 61 करोड़ रुपये की बनी थी। इसके बाद साल दर साल गुजरते रहे, लेकिन जमरानी बांध परियोजना पूरी नहीं हुई। परियोजना राजनीति के भेंट भी खूब चढ़ी। धीरे-धीरे समय गुजरता गया और डीपीआर के बाद पुन: डीपीआर बनती चली गई। 2018 में 2584 करोड़ रुपये तक धनराशि खर्च होने की डीपीआर पहुंच गई, लेकिन बात यही खत्म होने वाली नहीं है।
इस साल अधिकारी पुन: डीपीआर बनाकर एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के पास भेजेंगे। ताकि परियोजना पूरी करने के लिए धनराशि स्वीकृत हो सके। विभागीय अधिकारियों को अब केवल गत माह विदेशी विशेषज्ञों द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट का इंतजार है। वह अपनी रिपोर्ट जैसे ही एडीबी को देंगे और उसके बाद उन्हें रिपोर्ट मिलेगी। वह रिपोर्ट तैयार करने में जुट जाएंगे। हालांकि सर्वे की कार्य उन्होंने अभी से शुरू कर दी है।
परियोजना के ईई बीबी पांडेय ने बताया कि पिछले चार साल में निर्माण कार्य में प्रयोग होने वाली सामग्री के दामों में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। चार साल में सभी सामग्री के तीन से चार गुना बढ़े हैं। ऐसे में 2022 में पुन: डीपीआर बनाकर भेजी जाएगी। इसमें जमरानी बांध परियोजना की लागत बढ़ना लाजमी है।
चुनाव बाद करेगी एडीबी की टीम प्रोजेक्ट का निरीक्षण
निरीक्षण के बाद ही जारी होगी परियोजना के लिए धनराशि
हल्द्वानी। एशियन डेवलपमेंट बैंक की टीम का माह जमरानी बांध परियोजना निर्माण स्थल का निरीक्षण प्रस्तावित है। एडीबी ने करोड़ रुपये की फंडित परियोजना के लिए करनी है। टीम के दौरे के बाद प्रोजेक्ट के फाइनल होने के साथ ही बजट का रास्ता साफ हो सकेगा। हालांकि अभी तक परियोजना से जुड़े अधिकारियों को टीम के आने की तिथि नहीं मिली है, लेकिन विधानसभा चुनाव मतगणना के बाद टीम के आने की उम्मीद जताई जा रही है।
जमरानी बांध परियोजना इकाई के महाप्रबंधक प्रशांत बिश्नोई ने बताया मार्च माह में एडीबी की टीम का स्थलीय निरीक्षण प्रस्तावित है। टीम परियोजना कार्य स्थल को देखेगी। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर फिट बैठने और इंजीनियरों की रिपोर्ट के अध्ययन के आधार पर बजट जारी होने पर फैसला हो सकेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए एडीबी की टीम का दौरा काफी अहम है।
