मुरादाबाद : रोजगार मेलों में 5500 का चयन, नौकरी का ठिकाना नहीं
मुरादाबाद,अमृत विचार। युवाओं को रोजगार दिलाने के नाम पर रोजगार मेले मात्र नियुक्ति पत्र तक ही सिमट कर रहे गए हैं। हालत ये है कि पांच साल में 76 बड़े-छोटे मेलों का आयोजन किया गया। इसमें 13,109 बेरोजगारों ने प्रतिभाग किया। विभिन्न निजी कंपनियों द्वारा साक्षात्कार के आधार पर 5500 युवाओं चयन कर नियुक्ति पत्र …
मुरादाबाद,अमृत विचार। युवाओं को रोजगार दिलाने के नाम पर रोजगार मेले मात्र नियुक्ति पत्र तक ही सिमट कर रहे गए हैं। हालत ये है कि पांच साल में 76 बड़े-छोटे मेलों का आयोजन किया गया। इसमें 13,109 बेरोजगारों ने प्रतिभाग किया। विभिन्न निजी कंपनियों द्वारा साक्षात्कार के आधार पर 5500 युवाओं चयन कर नियुक्ति पत्र सौंपा, लेकिन उसके बाद कितने युवाओं को नौकरी दी। इसका विभाग के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। हालांकि सेवायोजन विभाग में चयन के बाद कंपनी द्वारा काम नहीं देने की शिकायत आम है लेकिन, निजी कंपनी होने के कारण कोई एक्शन नहीं लिया जाता है।
बेरोजगारी की मार झेल रहे युवा नौकरी का कोई भी मौका गवाना नहीं चाहते। जिले में औसतन हर वर्ष करीब 20-25 हजार युवा पढ़ लिखकर नौकरी के काबिल होते हैं जिनमें से कई युवा रोजगार के सिलसिले में पंजीयन जिला रोजगार कार्यालय में कराते हैं। लेकिन यहां पंजीयन कराने के बाद भी उन्हें आशानुरूप रोजगार नहीं मिल पाता।
इन्हें रोजगार दिलाने के लिए नाम पर सेवायोजन विभाग सिर्फ खानापूर्ति करता है। जिनमें कई कंपनियां ऑन स्पॉट युवाओं का उनकी योग्यता के अनुसार अपने संस्थान में नौकरी के लिए चयन तो करती हैं लेकिन जब युवा कंपनी पहु्ंचते है तो उन्हें समय देकर लौटा देती हैं।
विभाग द्वारा युवाओं को रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे में अगर चयन के बाद कंपनी नहीं रखती है या युवा खुद नौकरी के लिए नहीं जाते है तो इस संबंध में जानकारी नहीं है। क्योंकि, निजी कंपनियों पर नौकरी के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता। -कमल किशोर, अधिकारी, क्षेत्रिय सेवायोजन विभाग
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