विनायक चतुर्थी पर पूजा करते समय न ये करें गलती, जानिए पूजा का विधि-विधान

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विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी की पूजा की जाती हे। भगवान गणेश प्रथम पूजनीय देव हैं। पौराणिक प्रंसगों के अनुसार इस दिन गणेश जी की पूजा करने से उनका आशीर्वाद मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। हिन्दु पंचांग के अनुसार गणेश चतुर्थी का व्रत 6 मार्च 2022 फाल्गुन मास की शुक्ल …

विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी की पूजा की जाती हे। भगवान गणेश प्रथम पूजनीय देव हैं। पौराणिक प्रंसगों के अनुसार इस दिन गणेश जी की पूजा करने से उनका आशीर्वाद मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। हिन्दु पंचांग के अनुसार गणेश चतुर्थी का व्रत 6 मार्च 2022 फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाएगा।

विनायक चतुर्थी में शुभ मुहूर्त
6 मार्च को पंचांग के अनुसार 6 मार्च को रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है। इस योग में किए गए कार्य फलित होते हैं। चतुर्थी तिथि 5 मार्च 2022 शनिवार को रात्रि 8 बजकर 35 मिनट से आरंभ होगी। तिथि का समापन 6 मार्च  रविवार को रात्रि 9 बजकर 11 पर इस तिथि का समापन होगा। विनायक चतुर्थी शुभ पूजा मुहूर्त 6 मार्च 2022 को प्रात: 11 बजकर 22 मिनट से दोपहर 1 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।

विनायक चतुर्थी पूजा विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके व्रत का संकल्प लें। इस दोपहर में भगवान गणेश की पूजा को ज्यादा फलित बताया गया है।    इस दिन शुभ मुहूर्त में दीपक प्रज्वलित करने के बाद भगवान गणेश का गंगा जल से जलाभिषेक करें। इसके बाद भगवान गणेश को साफ वस्त्र पहनाएं।

भगवान गणेश को सिंदूर का तिलक लगाएं और दूर्वा अर्पित करें। भगवान गणेश को दूर्वा अतिप्रिय होता है। जो भी व्यक्ति भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करता है, भगवान गणेश उसकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं। भगवान गणेश की आरती करें और भोग लगाएं। आप गणेश जी को मोदक, लड्डूओं का भोग लगा सकते हैं। इस पावन दिन भगवान गणेश का अधिक से अधिक ध्यान करें। अगर आप व्रत रख सकते हैं तो इस दिन व्रत रखें।

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