प्रदेश में फिर बनने जा रही भाजपा सरकार : मुख्यमंत्री योगी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सातवें चरण के प्रचार संपन्न होने से पूर्व एक बार फिर शनिवार शाम को अपनी सरकर का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए कहा कि पांच में से दो साल कोरोना की चुनौतियां भी आईं लेकिन इस दौरान कानून का राज स्थापित करने का प्रयास किया गया। जिसका नतीजा है कि …
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सातवें चरण के प्रचार संपन्न होने से पूर्व एक बार फिर शनिवार शाम को अपनी सरकर का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए कहा कि पांच में से दो साल कोरोना की चुनौतियां भी आईं लेकिन इस दौरान कानून का राज स्थापित करने का प्रयास किया गया। जिसका नतीजा है कि अभी तक हुए छह चरणों के चुनाव बहुत ही शांतिपूर्ण ढंग से निपट गए है। उन्होंने कहा कि 6 चरणों में जनता ने मजबूती से भाजपा का साथ दिया है और 7वें चरण में भी भरपूर समर्थन मिलेगा। 10 मार्च को फिर से डबल इंजन की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा को इस बार भी प्रचंड बहुमत मिलेगा।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में शनिवार को आयोजित इस प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री योगी के अलावा दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डॉ. दिनेश शर्मा के अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह भी मौजूद रहे। विधाानसभा चुनाव के सातवें चरण का प्रचार समाप्त होने के दौरान उन्होंने बताया कि दो माह के दौरान प्रदेश के सभी 75 जिलों का भ्रमण किया। इस दौरान डबल इंजन की सरकार के कामकाज को जनता ने बहुत सराहा है। कानून व्यवस्था में सुधार, दंगामुक्त, अपराध मुक्त प्रदेश की वजह से महिलाओं ने भाजपा सरकार की सराहना की।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि किसानों से बीते 5 साल में 794 लाख मीट्रिक टन अनाज खरीद हुई। एमएसपी का वादा पूरा किया गया है। प्रदेश में सरकार ने 1.57 लाख करोड़ की राशि गन्ना किसानों को भुगतान की। बिचौलियों को हटाया गया। उन्होंने इस मौके पर बताया कि डबल इंजन की सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना , मुख्यमंत्री फसल बीमा योजना के जरिये किसानों को लाभान्वित किया। 2017 में सरकार बनते ही किसानों के 36000 करोड़ रुपये के कृषि कर्ज माफ किए गए। कोरोना काल की चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि पीएम स्वनिधि से रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को सहूलियत मिली तो स्वामित्व योजना ने पुश्तैनी जमीन का अधिकार दिलाया।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 01 करोड़ लोगों को पेंशन दे रही है। सरकार तीन करोड़ श्रमिकों को भरण-पोषण भत्ता दे रही है। पीएम श्रम योगी मान धन योजना से श्रमिक को तीन हजार मासिक पेंशन की व्यवस्था की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले पांच साल के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 45 लाख लोगों को आवास दिए। जबकि 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव ने महज पंद्रह हजार लोगों को ही आवास स्वीकृत किए थे।
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