मुरादाबाद : 29,000 उपभोक्ता दबाए बैठे हैं बिजली विभाग के 1000.15 करोड़
मुरादाबाद, अमृत विचार। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम का वसूली अभियान आचार संहिता हटते ही रफ्तार पकड़ेगा। जिले में 29,000 उपभोक्ता ऐसे हैं जो बिजली का बकाया दबाए बैठे हैं। निगम की ओर से बकाया बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के घरों की बत्ती गुल की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी विभागों को भी …
मुरादाबाद, अमृत विचार। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम का वसूली अभियान आचार संहिता हटते ही रफ्तार पकड़ेगा। जिले में 29,000 उपभोक्ता ऐसे हैं जो बिजली का बकाया दबाए बैठे हैं। निगम की ओर से बकाया बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के घरों की बत्ती गुल की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी विभागों को भी अंतिम रिमांडर भेज दिया गया है। इसके बाद सीधे कनेक्शन काटने की कार्रवाई होगी।
राजस्व वसूली बढ़ाकर बिजली व्यवस्था को और बेहतर करने के मकसद से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा वसूली अभियान चलाया जाता है। बिलों की वसूली के लिए चलाए जाने वाले अभियान में आम महानगरवासियों पर तो अफसरों का जोर चल जाता है लेकिन बड़े बकाएदारों के सामने अभियान फुस्स हो जाता है। खास बात यह है कि बड़े बकाएदारों की सूची में तमाम सरकारी महकमे हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में सरकारी विभागों पर करीब 15 करोड़ 12 लाख रुपया बकाया है। ऐसे में निगम की ओर से तीन नोटिस भेजे गए हैं।
बावजूद इसके कई विभागों ने अब तक भुगतान किया है। ऐसे में निगम द्वारा अंतिम रिमांडर भेजा गया है। इसके अलावा 29000 उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने बिल का भुगतान नहीं कराया।
ये है इस बार का लक्ष्य
राजस्व वसूली बढ़ाकर बिजली व्यवस्था को और बेहतर करने के मकसद से इस बार 3386.87 करोड़ वसूली का लक्ष्य है, जिसे 31 मार्च तक पूरा किया जाना है, लेकिन इस बार भी वसूली की रफ्तार सुस्त है। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अब तक 2386.72 करोड़ की वसूली हो चुकी है, जबकि 26 दिनों में 1000.15 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। ऐसे में निगम द्वारा सरकारी बकाएदारों को नोटिस भेजने की योजना बनाई जा रही है। इसके बाद विभागों की बिजली कनेक्शन काटे जाएंगे।
दावा: इस बार गर्मियों में नहीं रुलाएगी बिजली
गर्मियों में आमतौर पर बिजली आपूर्ति की समस्या बढ़ जाती है। इस बार इससे निजात दिलाने के लिए विद्युत निगम ने तैयारियां शुरु कर दी हैं। इसके लिए जिले में सर्वे किया जा रहा है। सर्वे में ट्रांसफार्मर और जर्जर बिजली लाइनों का चिन्हिकरण का कार्य चल रहा है। जिसके बाद अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियर की देखरेख में लाइनों की मरम्मत की जाएगी। निगम के अधिकारियों का दावा है कि मरम्मत के बाद बिजली की समस्या का सामना नहीं करना होगा। मरम्मत के लिए एक करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है।
पिछले साल आपूर्ति संबंधी रोजाना करीब 500 से 700 शिकायतें आती रही हैं। निगम इन शिकायतों को कम करने के लिए अभी से कवायद में जुट गया है। इन दिनों रोजाना करीब 125 लाख यूनिट बिजली का खर्चा है, आगे और मांग बढ़ती जाएगी। उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति के लिए 32 सब स्टेशन, 33 केवी उपकेंद्र व 11केवी स्विच यार्ड, स्विच गेयर टेस्टिंग एवं मेंटीनेंस का काम कराया जाएगा।
बुद्धि विहार में बिजली घर से आपूिर्त शुरू
गर्मी और बारिश में उपभोक्ताओं को बिना रुकावट के अच्छी आपूर्ति मुहैया कराने के लिए कवायद तेजी से चल रही है। इसी कड़ी में बुधवार को बुद्धि विहार फेज टू में बने बिजली घर से सप्लाई सुचारु कर दी गई है। यह बिजलीघर 132 केवीए की क्षमता का है। सप्लाई सुचारु होने के बाद नई कालोनियों के फीडरों को जोड़ने का काम चल रहा है।
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