मुरादाबाद : जमीन बेचने को बहू-बेटे ने सुपारी देकर कराई थी दंपति की हत्या

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। छजलैट पुलिस और सर्विलांस टीम ने वृद्ध दंपति की हत्या का खुलासा कर महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। दंपति की हत्या उनके बेटे-बहू ने जमीन के लालच में चार लाख की सुपारी देकर कराई थी। 50 हजार रुपये पेशगी दिए थे। हत्यारोपी बेटा-बहू जमीन बेचना चाहते थे, जबकि दंपति …

मुरादाबाद, अमृत विचार। छजलैट पुलिस और सर्विलांस टीम ने वृद्ध दंपति की हत्या का खुलासा कर महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। दंपति की हत्या उनके बेटे-बहू ने जमीन के लालच में चार लाख की सुपारी देकर कराई थी। 50 हजार रुपये पेशगी दिए थे। हत्यारोपी बेटा-बहू जमीन बेचना चाहते थे, जबकि दंपति रोड़ा बने हुए थे। पुलिस ने आरोपियों से आला कत्ल (अंगौछा) और 10500 रुपये बरामद किए हैं। डबल मर्डर का खुलासा करने वाली टीम को एसएसपी ने 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।

एसएसपी बबलू कुमार, एसएसपी देहात विद्यासागर मिश्र, सीओ कांठ महेश कुमार गौतम ने बताया कि छजलैट के मथाना गांव निवासी 65 वर्षीय किसान खानचंद और उनकी पत्नी बबली की चार मार्च को हत्या की गई थी। शव खेत में मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मृतक के बड़े बेटे ब्रजपाल चौहान और उसकी पत्नी माया चौहान की कॉल डिटेल निकलवाई। तब पता चला था कि पड़ोसी गोलू उर्फ तुषार यादव से घटना वाले दिन भी उनकी बातचीत हुई थी। गोलू की जानकारी ली तो वह गायब मिला। पुलिस ने इनको गिरफ्तार किया। पुलिस कांठ थानाक्षेत्र के गांव लाडलाबाद निवासी हिस्ट्रीशीटर राजेंद्र सिंह गुर्जर, बेगमपुर निवासी वीरू उर्फ वीरभान और गांव सिरसा ठाठ निवासी सचिन गुर्जर और मृतकों के गांव के ही गोलू उर्फ तुषार को गिरफ्तार कर लिया।

वृद्ध दंपति के नाम थी संपत्ति, नहीं बेच पा रहे थे
खानचंद के पास खेती की 22 बीघा जमीन है। उन्होंने 10-10 बीघा जमीन दोनों बेटों ब्रजपाल और जयपाल में बांटी थी। दो बीघा जमीन अपने पास रखी थी। ब्रजपाल पत्नी व बच्चों के साथ दूसरे मकान में रहता था। खानचंद और उनकी पत्नी की बड़े बेटे और बहू से वर्षों से बोलचाल बंद थी। वह छोटे बेटे जयपाल के साथ रहते थे। ब्रजपाल अपने हिस्से की 10 बीघा में से छह बीघा जमीन की कीमत करीब 90 लाख रुपये है। सारी जमीन खानचंद के नाम थी, इसलिए ब्रजपाल और माया इसे बेच नहीं पा रहे थे। जबकि इन्हें पैसों की जरूरत थी। इस लालच में इन्होंने खानचंद और उनकी पत्नी की हत्या की साजिश रची। बताया कि पड़ोसी गोलू और उसके दोस्त वीरु उर्फ वीरभान का बृजपाल के घर पर काफी आना-जाना था। वह साथ में खाते-पीते थे। ब्रजपाल की पत्नी माया ने डेढ़ माह पूर्व वीरु और गोलू से अपने सास-ससुर की हत्या करने की बात कही।

पहले से ही तय कर ली गई थी पूरी स्क्रिप्ट
दंपति की मौत के घाट उतारने के बाद पुलिस से बचने के लिए पहले से पूरी स्क्रिप्ट तैयार थी। ब्रजपाल रोजाना की भांति सुबह काम पर चला गया था। माया भी गांव की महिलाओं के बीच रही। ताकि पुलिस पूछे तो लोग खुद उनके पक्ष में गवाही दे। शुरुआती जांच में वैसा ही हुआ। पुलिस के बिना पूछे सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वाले ब्रजपाल ने एसपी देहात को कई बार बताया कि वह तो सुबह ही काम पर चला गया था। सास-ससुर के शव पर रोने-बिलखने में भी माया सबसे आगे थी। जबकि ब्रजपाल की आंखों में एक भी आंसू नहीं था। उनके हाव-भाव से पुलिस को पहले दिन उन पर शक हो गया था।

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